Kerala केरल: विकास नगर में मंगलवार को पानी की लगातार आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया। नागरिकों ने इंदौर नगर निगम (IMC) पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बढ़ते जल संकट को दूर करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
यह विरोध प्रदर्शन विकास नगर स्थित ओवरहेड पानी की टंकी के पास आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एकत्र हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन में क्षेत्र की स्थानीय पार्षद सोनिला मिमरोट भी लोगों के साथ शामिल हुईं और धरने पर बैठ गईं, जिससे विरोध और अधिक व्यापक हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने पानी की कमी को लेकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और स्थिति को अनदेखा करने का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र में नियमित जल आपूर्ति बाधित है, जिससे उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक सांकेतिक तरीका अपनाते हुए खाली मिट्टी के बर्तन हाथों में लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ नारे लगाए और अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए सड़क पर बर्तनों को तोड़कर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर निगम द्वारा समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि क्षेत्र में जल आपूर्ति को तुरंत नियमित किया जाए और प्रभावित इलाकों में स्थायी समाधान के लिए नई व्यवस्था की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पार्षद सोनिला मिमरोट ने भी प्रदर्शन के दौरान कहा कि वे लगातार इस मुद्दे को प्रशासन के सामने उठा रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी समाधान नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और लोगों से बातचीत कर जाम हटवाने का प्रयास किया। हालांकि, लोगों का कहना है कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और जल प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।