Ernakulam में परियाथुकावु भूमि विवाद सुलझा, सात दलित परिवारों के पुनर्वास का रास्ता साफ
Kerala केरल: एर्नाकुलम जिले में लंबे समय से चला आ रहा परियाथुकावु भूमि विवाद अब समाधान की ओर बढ़ गया है। प्रभावित निवासियों और भूमि मालिकों के बीच समझौता होने के बाद उसी स्थान पर रह रहे सात दलित परिवारों के पुनर्वास का रास्ता साफ हो गया है। यह समझौता सोमवार रात एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान हुआ, जिसकी अध्यक्षता उच्च शिक्षा मंत्री रोज़ी एम. जॉन ने की। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय निवासी और भूमि मालिकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, यह विवाद लगभग पांच दशकों से चला आ रहा था, जिसने समय-समय पर प्रशासन के सामने चुनौती पैदा की। इस मामले को हल करने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे थे और कई दौर की बातचीत के बाद अंततः सभी पक्षों के बीच सहमति बनी।
मंत्री रोज़ी एम. जॉन ने बताया कि इस विवाद के समाधान के लिए कुल पांच दौर की विस्तृत वार्ताएं की गईं, जिनमें सभी संबंधित पक्षों की बातों को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि सभी की सहमति के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया है, जिससे लंबे समय से चल रहा यह मामला अब सुलझ गया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी समुदाय या परिवार को उनके अधिकारों से वंचित न रहना पड़े और विकास कार्यों के साथ सामाजिक न्याय भी सुनिश्चित हो। मंत्री ने इस समझौते में सहयोग देने वाले सभी पक्षों का आभार व्यक्त किया।
समझौते के अनुसार, सातों प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को उनके वर्तमान निवास स्थान के पास ही पांच सेंट भूमि आवंटित की जाएगी। इससे इन परिवारों को न केवल सुरक्षित आवास मिलेगा, बल्कि वे अपने मौजूदा सामाजिक परिवेश में बने रह सकेंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से विवादित भूमि से जुड़े सभी कानूनी और सामाजिक मुद्दों का समाधान संभव हो सकेगा। साथ ही पुनर्वास प्रक्रिया को शीघ्र और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर इस समझौते का स्वागत किया जा रहा है। लंबे समय से अनिश्चितता में रह रहे परिवारों को अब स्थिर आवास मिलने की उम्मीद जगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता सामाजिक समरसता और प्रशासनिक संवाद का एक सकारात्मक उदाहरण है, जिससे यह संदेश जाता है कि बातचीत और सहमति के माध्यम से लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान संभव है।