रानी में अचानक आई बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, निचले इलाकों में भरा पानी; NDRF टीम तैनात
केरल : रानी क्षेत्र में वर्ष 2018 के बाद एक बार फिर अचानक आई बाढ़ ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार एक दिन तक हुई भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। अचानक आई इस आपदा के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिल पाया। कई व्यापारी अपनी दुकानों से सामान सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुंचा सके, जिससे उन्हें नुकसान की आशंका बनी हुई है।
भारी बारिश के बाद नदी में जलस्तर बढ़ने से रानी और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। खासकर निचले इलाकों में बने घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को अपने घरों में ही पानी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी की गई है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर व्यापारिक क्षेत्रों पर देखने को मिला। अचानक पानी बढ़ने के कारण दुकानदारों को अपना सामान हटाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। कई दुकानों में पानी प्रवेश कर गया, जिससे सामान खराब होने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारियों ने बताया कि अचानक आई इस स्थिति ने उन्हें काफी नुकसान की चिंता में डाल दिया है। बारिश कम होने और जलस्तर घटने के बाद ही वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
सड़क यातायात भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुनालुर-मुवट्टुपुझा स्टेट हाईवे पर पानी भरने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। सड़क पर जलभराव के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात धीमी गति से चलता रहा। ममुक्कू, इत्तियाप्पारा और चेथोनकारा क्षेत्रों में पानी भरने से लंबी दूरी के यात्रियों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
बाढ़ का असर अथिकायम और वडासेरिक्कारा जैसे क्षेत्रों में भी देखने को मिला, जहां कई स्थानों पर यातायात बाधित हुआ। सड़क मार्ग प्रभावित होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी हुई। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा प्रभावित सड़कों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि यातायात व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
इसी बीच इडमुरी-अथिकायम रोड पर पोन्नमपारा क्षेत्र में एक पेड़ बिजली की लाइन पर गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली के कई खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे इलाके में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली विभाग की टीम स्थिति को सुधारने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के प्रयास में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
बारिश के कारण उत्पन्न हुई इस स्थिति के बीच लोगों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होगा और बारिश कम होने के बाद धीरे-धीरे पानी का स्तर घटने लगेगा। स्थानीय निवासी लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से आवश्यक सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।
आपदा की गंभीरता को देखते हुए रानी में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम की सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। टीम को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। संभावित बचाव कार्यों, प्रभावित लोगों की सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए NDRF कर्मी क्षेत्र में सक्रिय हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत व्यवस्था भी की जाएगी।
रानी में आई यह अचानक बाढ़ एक बार फिर भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों की आवश्यकता को सामने लाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर चेतावनी और बेहतर जल निकासी व्यवस्था होने से ऐसी परिस्थितियों में नुकसान को कम किया जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें मौसम के बदलते हालात और नदी के घटते जलस्तर पर टिकी हुई हैं।