तिरुवनंतपुरम: राज्य सरकार ने शुक्रवार को राज्यपाल से पूर्व खेल मंत्री वी. अब्दुर्रहीमन को एक मामले में आरोपी बनाने की अनुमति मांगी है। यह मामला लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना की फुटबॉल टीम को राज्य में लाने के विफल प्रस्ताव से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है।
राज्यपाल की मंजूरी के लिए यह फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी गई थी। 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) की धारा 17-ए के तहत ऐसी मंजूरी लेना जरूरी है, क्योंकि यह कथित अपराध तब हुआ था जब अब्दुर्रहीमन मंत्री थे।
सरकार के एक सूत्र ने कहा, "कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू इंटरनेशनल स्टेडियम को प्रायोजक (स्पॉन्सर) को सौंपने जैसे कुछ कदम, मंत्री द्वारा लिए गए प्रशासनिक निर्णय थे। इसी वजह से पूर्व मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी है।"
राज्य सरकार ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत अब्दुर्रहीमन और खेल परिषद के पूर्व अध्यक्ष यू. शराफ अली के खिलाफ मामला दर्ज करने की मंजूरी देने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जता दी है। विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उनके खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं।
जांच के दौरान अब्दुर्रहीमन के निजी सचिव सी. सत्यपालन के खिलाफ भी सबूत मिले हैं। जांच टीम का मानना है कि अब्दुर्रहीमन ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मनमाने ढंग से एक प्रायोजक को चुना और प्रायोजन समझौतों (स्पॉन्सरशिप डील) पर हस्ताक्षर करते समय नियमों का उल्लंघन किया।