तिरुवनंतपुरम: राज्य सरकार ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम का गठन किया है। इस जांच का नेतृत्व DIG थॉमसन जोस करेंगे। विजिलेंस विभाग द्वारा जांच किया जाने वाला यह अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय मामला है। KIIFB को पत्र भेजकर संबंधित दस्तावेज मांगे जाएंगे। SIT (विशेष जांच दल) शुरुआत में कन्नूर में हुई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करेगी।
KIIFB से जुड़े आरोपों की विजिलेंस जांच कराने का फैसला शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। KIIFB परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण और नियुक्तियों की भी जांच की जाएगी। यह कदम सरकार द्वारा KIIFB की जांच के लिए गठित 'सुधा पिल्लई समिति' की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है।
KIIFB ने कन्नूर में करोड़ों रुपये के भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। वित्त और राजस्व विभागों की तकनीकी सहायता से, कथित प्रक्रियात्मक खामियों की विस्तृत जांच की जाएगी। इसी वजह से कैबिनेट ने यह मामला विजिलेंस विभाग को सौंपने का
निर्णय लिया
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UDF सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद, KIIFB की पिछली गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। समिति की रिपोर्ट में KIIFB की ओर से अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया था। विजिलेंस विभाग रिपोर्ट में बताए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करेगा। समिति के निष्कर्षों के आधार पर एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, और आने वाले दिनों में उसी के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
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