Kerala : तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट रोसेनबाउर पैंथर क्रैश फायर टेंडर का उद्घाटन
Kerala केरल: केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब एयरक्राफ्ट फायर सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट पर केरल का पहला स्टेट-ऑफ़-द-आर्ट रोसेनबाउर पैंथर क्रैश फायर टेंडर कमीशन किया गया है। यह अत्याधुनिक वाहन हाई रीच एक्सटेंडेबल टरेट (H.R.E.T.) से लैस है, जो एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट रेस्क्यू ऑपरेशन में फायरफाइटिंग क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
इस नए टेंडर की खासियत यह है कि यह पारंपरिक फायरफाइटिंग वाहनों से अलग है। कन्वेंशनल फायर टरेट्स आमतौर पर सीधे पानी या फोम का उपयोग करते हैं और फायर को बाहर से ही बुझाने की कोशिश करते हैं। इसके विपरीत H.R.E.T. सिस्टम एयरक्राफ्ट के सामने से सीधे ड्रिल करके फायरिंग एजेंट को पैसेंजर केबिन या कार्गो कम्पार्टमेंट तक पहुंचा सकता है। इससे आग पर तेजी से काबू पाया जा सकता है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
रोसेनबाउर पैंथर क्रैश फायर टेंडर के जरिए एयरपोर्ट पर फायरफाइटिंग ऑपरेशन में दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। यह वाहन पानी और फोम आधारित फायर एक्सटिंग्विशिंग एजेंट के साथ आता है, जो आग की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। इस गाड़ी की कीमत 12 करोड़ रुपये से अधिक है और इसे एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से चुना गया है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, इस टेंडर का संचालन और ट्रेनिंग एयरपोर्ट फायर सर्विस टीम को दी जाएगी। इसके माध्यम से एयरपोर्ट पर किसी भी अप्रत्याशित एयरक्राफ्ट आग की स्थिति में तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। टेंडर की क्षमता और तकनीकी विशेषताओं को देखते हुए इसे एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए एक गेम-चेंजर माना जा रहा है।
इस अवसर पर एयरपोर्ट प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। नई तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में फायर सर्विस टीम समय पर और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया कर सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि H.R.E.T. सिस्टम वाले वाहन की मौजूदगी से एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट के दौरान होने वाली हानि को कम किया जा सकेगा और यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा में सुधार होगा। एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी कहा कि भविष्य में और अधिक आधुनिक उपकरणों को शामिल कर सुरक्षा मानकों को बढ़ाया जाएगा।
इस कदम से तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट न केवल केरल में बल्कि पूरे दक्षिण भारत में एयरक्राफ्ट फायर सुरक्षा में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।