कोल्लम: केरल के सस्थमकोट्टा रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों को लेकर अब विरोध तेज हो गया है। कुन्नथुर, अडूर, चावरा और कोट्टाराक्कारा-कुंदरा जैसे बड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 6.5 करोड़ रुपये की मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद एक साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन से रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है।
रोजाना 7 हजार यात्री करते हैं इस्तेमाल
सस्थमकोट्टा रेलवे स्टेशन क्षेत्र के प्रमुख स्टेशनों में शामिल है। यहां से रोजाना करीब 7,000 यात्री यात्रा करते हैं। इसके अलावा स्टेशन से रेलवे को हर साल लगभग 4 करोड़ रुपये की आय होती है।
इतनी अधिक यात्री संख्या और राजस्व के बावजूद स्टेशन पर सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
सिर्फ एक टिकट काउंटर से चल रहा काम
रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी समस्या टिकट व्यवस्था को लेकर है। यहां केवल एक ही टिकट काउंटर मौजूद है, जहां से सभी तरह के टिकट जारी किए जाते हैं।
इस एक काउंटर से सामान्य टिकट, सीजन टिकट और रिजर्वेशन टिकट की सुविधा दी जाती है। यात्रियों का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में टिकट लेने के लिए लंबी कतार लग जाती है।
कई बार यात्रियों को समय पर टिकट नहीं मिल पाता और ट्रेन प्लेटफॉर्म से निकल जाती है।
प्लेटफॉर्म पर नहीं है पर्याप्त सुविधा
यात्रियों की दूसरी बड़ी समस्या प्लेटफॉर्म पर सुविधाओं की कमी है। प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त छत नहीं होने के कारण यात्रियों को बारिश और तेज धूप में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मानसून के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। बारिश के समय प्लेटफॉर्म के आसपास जंगली घास-फूस उग आने से भी यात्रियों को परेशानी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की जरूरत है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
6.5 करोड़ की योजना पर उठे सवाल
रेलवे स्टेशन के विकास के लिए 6.5 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
लेकिन इसके बावजूद करीब एक साल बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हुआ है। इसी देरी को लेकर स्थानीय लोगों और यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब योजना को मंजूरी मिल चुकी है और ठेके की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है तो निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए अहम
सस्थमकोट्टा रेलवे स्टेशन आसपास के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
कुन्नथुर, अडूर, चावरा और कोट्टाराक्कारा-कुंदरा जैसे क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने से पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
यात्रियों ने जल्द काम शुरू करने की मांग की
स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि विकास कार्य जल्द शुरू किए जाएं।
उनका कहना है कि स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर, बेहतर प्लेटफॉर्म सुविधा, शेड और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
यात्रियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के उपयोग वाले स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय तक बनी रहना चिंता की बात है।
रेलवे से जवाब का इंतजार
फिलहाल यात्रियों और स्थानीय संगठनों की ओर से विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की जा रही है।
लोगों को उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन जल्द ही इस मामले में कदम उठाएगा और लंबित परियोजना को शुरू करेगा।
सस्थमकोट्टा रेलवे स्टेशन के विकास की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए उम्मीद और इंतजार का विषय बन गई है। 6.5 करोड़ रुपये की परियोजना कब जमीन पर उतरेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।