केरल : सेंट्रल मार्केट में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मॉडर्न शॉपिंग मॉल प्रोजेक्ट को लेकर अब अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। करोड़ों रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के समय पर पूरा होने को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।
नगर निगम ने केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से सेंट्रल मार्केट के नवीनीकरण का फैसला किया था। इस परियोजना का उद्देश्य पुराने बाजार को आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नए शॉपिंग हब के रूप में विकसित करना था। हालांकि, आधारशिला रखे जाने के करीब 10 महीने बाद भी जमीन पर कोई बड़ी प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
10 महीने पहले रखी गई थी आधारशिला
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल मार्केट रेनोवेशन प्रोजेक्ट की आधारशिला करीब 10 महीने पहले तत्कालीन केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने रखी थी।
उस समय परियोजना को क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी पहल बताया गया था। उम्मीद थी कि काम जल्द शुरू होगा और बाजार को नई पहचान मिलेगी।
लेकिन आधारशिला रखने के बाद से परियोजना की गति धीमी बनी हुई है। अब तक निर्माण कार्य में कोई खास प्रगति नहीं होने से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बाजार
प्रस्तावित परियोजना के तहत सेंट्रल मार्केट को आधुनिक रूप देने की योजना बनाई गई थी।
इसमें बेहतर दुकानें, पार्किंग सुविधा, ग्राहकों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था।
नगर निगम का उद्देश्य था कि पुराने बाजार को एक ऐसे शॉपिंग सेंटर में बदला जाए, जहां व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को बेहतर माहौल मिल सके।
व्यापारियों को थी बड़ी उम्मीद
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को इस परियोजना से काफी उम्मीदें थीं। उनका मानना था कि बाजार के आधुनिकीकरण से कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों की संख्या में भी वृद्धि होगी।
लेकिन काम में देरी के कारण अब व्यापारी भी असमंजस की स्थिति में हैं।
व्यापारियों का कहना है कि परियोजना को जल्द शुरू किया जाना चाहिए ताकि बाजार के विकास का लाभ जल्द मिल सके।
प्रशासनिक प्रक्रिया में अटका प्रोजेक्ट
सूत्रों के अनुसार, परियोजना में देरी के पीछे कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं और समन्वय से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
चूंकि यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से पूरी की जानी है, इसलिए विभिन्न विभागों के बीच तालमेल जरूरी है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो करोड़ों रुपये की यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह सकती है।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र के विकास से पूरे इलाके को फायदा मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं वाला शॉपिंग मॉल बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी।
लेकिन परियोजना में हो रही देरी को लेकर लोगों में निराशा बढ़ रही है।
जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि परियोजना को जल्द गति दी जाए।
उनका कहना है कि आधारशिला रखने के बाद काम शुरू नहीं होना चिंता का विषय है। संबंधित विभागों को बाधाओं को दूर कर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।
विकास योजना पर उठे सवाल
सेंट्रल मार्केट परियोजना अब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और कार्यान्वयन की परीक्षा बन गई है।
किसी भी बड़े विकास प्रोजेक्ट की सफलता केवल घोषणा या आधारशिला तक सीमित नहीं होती, बल्कि समय पर काम पूरा होना भी जरूरी होता है।
फिलहाल करोड़ों रुपये की लागत वाले इस मॉडर्न शॉपिंग मॉल प्रोजेक्ट का भविष्य आगे की कार्रवाई पर निर्भर है।
व्यापारी और स्थानीय लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन जल्द कदम उठाएगा और लंबे समय से प्रस्तावित यह परियोजना धरातल पर उतर सकेगी।