केरल : थारियोड इलाके में जंगली हाथियों की बढ़ती मौजूदगी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कुछ दिन पहले दिनदहाड़े एक जंगली हाथी रिहायशी इलाके में पहुंच गया, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि एक घायल जंगली हाथी थारियोड के 8वें मील पंप हाउस के पास सड़क पर आ गया। हाथी के अचानक सड़क पर पहुंचने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घायल हाथी ने तोड़ी सड़क किनारे लगी शीट

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथी सड़क किनारे लगी एक शीट को तोड़कर रिहायशी क्षेत्र की ओर पहुंचा।

घायल होने के कारण हाथी काफी परेशान नजर आ रहा था। वह कुछ समय तक इलाके में घूमता रहा, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में भय फैल गया।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र से निकलकर हाथियों का आबादी वाले इलाकों में आना अब आम होता जा रहा है।

स्कूटर की आवाज सुनकर हाथी हुआ आक्रामक

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब हाथी सड़क पर मौजूद था, तभी वहां से एक स्कूटर गुजरा।

स्कूटर की आवाज सुनते ही हाथी अचानक सतर्क हो गया और वह स्कूटर सवार की दिशा में तेजी से बढ़ने लगा।

हाथी को अपनी ओर आता देखकर स्कूटर सवार घबरा गया और उसने तुरंत रफ्तार बढ़ाकर वहां से निकलने में ही अपनी सुरक्षा समझी।

गनीमत रही कि हाथी ने उसका पीछा नहीं किया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

लोगों में बढ़ी सुरक्षा की चिंता

इस घटना के बाद थारियोड और आसपास के इलाकों के लोगों में चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगली हाथियों की आवाजाही से बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना काम के लिए बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

लोगों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है।

घायल हाथी को लेकर वन विभाग सतर्क

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, घायल या तनाव में रहने वाले हाथी कई बार आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं।

ऐसे हाथियों को सुरक्षित तरीके से निगरानी में रखना जरूरी होता है ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वन विभाग की टीम को भी ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत होती है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने की चिंता

जंगलों के आसपास बसे क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

जंगल क्षेत्र में बदलाव, भोजन की तलाश और प्राकृतिक आवास में कमी जैसे कारणों से कई बार हाथी और अन्य वन्यजीव गांवों या रिहायशी इलाकों की ओर पहुंच जाते हैं।

थारियोड की घटना भी इसी तरह के बढ़ते संघर्ष का उदाहरण मानी जा रही है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग आमतौर पर लोगों से अपील करते हैं कि जंगली जानवरों को देखकर उनके करीब जाने की कोशिश न करें।

विशेष रूप से हाथियों के पास जाकर फोटो या वीडियो बनाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे जानवर अचानक आक्रामक हो सकते हैं।

इलाके में बनी हुई है दहशत

फिलहाल थारियोड इलाके में जंगली हाथियों की मौजूदगी को लेकर लोगों में डर बना हुआ है।

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने वन विभाग से जल्द कदम उठाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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