केरल : जिले में खनिजों की अवैध माइनिंग और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला कलेक्टर की अगुवाई में गठित विशेष संयुक्त टीम को और मजबूत किया गया है। इस टीम में जियोलॉजी, राजस्व, पुलिस और पंचायत विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण लगाया जा सके।

प्रशासन की ओर से अवैध खनन रोकने के लिए लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में उरागम और कन्नमंगलम क्षेत्रों समेत आसपास के इलाकों में पांच विशेष चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेक पोस्टों के माध्यम से खनिजों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम लगातार वाहनों की जांच कर रही है, ताकि बिना अनुमति खनिजों का परिवहन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

संयुक्त टीम ने 12 अगस्त से अपना अभियान शुरू किया। अभियान शुरू होने के बाद शुरुआती दो दिनों में ही प्रशासन को बड़ी सफलता मिली। जांच के दौरान अवैध तरीके से मेटल और एम सैंड (निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली रेत) की ढुलाई कर रहे तीन वाहनों को जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम में अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को शामिल करने का उद्देश्य बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई करना है। जहां जियोलॉजी विभाग खनिजों से संबंधित तकनीकी जानकारी और निगरानी का काम करेगा, वहीं राजस्व विभाग भूमि और अनुमति से जुड़े मामलों की जांच करेगा। पुलिस विभाग सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेगा, जबकि पंचायत विभाग स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने में मदद करेगा।

अधिकारियों ने बताया कि चेक पोस्टों पर तैनात टीमों को संदिग्ध वाहनों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। खनिजों के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। बिना अनुमति या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परिवहन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या खनिजों की अवैध ढुलाई की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से ही अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।

खनन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों और खनन कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

अवैध माइनिंग रोकने के लिए बनाई गई यह संयुक्त व्यवस्था जिले में खनिज संसाधनों के संरक्षण और सरकारी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पांच चेक पोस्टों के जरिए अब खनिजों की आवाजाही पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में केवल वैध और नियमों के अनुरूप खनन एवं परिवहन गतिविधियां संचालित हों। इसके लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

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