तुमकुर। कर्नाटक के तुमकुर जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें एक स्कूली छात्र की मौत हो गई। चिक्कनायकनहल्ली तालुक के बेलागीहल्ली गांव में नंदिनी डेयरी की इमारत का एक कमजोर खंभा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चौथी कक्षा के छात्र धनुष की मौके पर ही मौत हो गई।

इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। हादसे में दो अन्य छात्र भी घायल हुए हैं, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन में चिंता फैल गई है।

स्कूल के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र धनुष बेलागीहल्ली गांव के सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि स्कूल के पास स्थित नंदिनी डेयरी की इमारत के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे।

इसी दौरान डेयरी भवन का एक खंभा अचानक टूटकर गिर गया। खंभे की चपेट में आने से धनुष गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को बचाने का प्रयास किया। लेकिन धनुष को बचाया नहीं जा सका।

रस्सी से खेलना बना हादसे की वजह

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डेयरी भवन में तीन खंभे बने हुए थे। इनमें से एक खंभा कमजोर स्थिति में था। उस खंभे से एक रस्सी बंधी हुई थी।

बताया गया कि तीन बच्चे उस रस्सी से खेल रहे थे। खेलते समय अचानक कमजोर खंभा अपना संतुलन खो बैठा और गिर गया।

खंभे के गिरने से धनुष उसकी चपेट में आ गया, जबकि बाकी दो बच्चे किसी तरह बच गए और उन्हें मामूली चोटें आईं।

गांव में पसरा मातम

धनुष की मौत की खबर मिलते ही बेलागीहल्ली गांव में मातम छा गया। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक सामान्य दिन स्कूल जाने वाला बच्चा इस तरह हादसे का शिकार हो जाएगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

ग्रामीणों ने घटना पर दुख जताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि कमजोर खंभे की समय पर जांच और मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सार्वजनिक और संस्थागत इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी भवन में कमजोर संरचना लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है।

खासकर स्कूलों और बच्चों के आसपास मौजूद इमारतों की नियमित जांच जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में ऐसी सभी इमारतों की जांच कराई जाए, जहां बच्चों की आवाजाही रहती है।

जांच में जुटे अधिकारी

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि डेयरी भवन की स्थिति कैसी थी और खंभा कमजोर होने के बावजूद उसे ठीक क्यों नहीं किया गया।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

स्कूल प्रशासन और ग्रामीणों में चिंता

घटना के बाद स्कूल प्रशासन भी चिंतित है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के खेलने और आने-जाने वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

परिवार को मदद की उम्मीद

धनुष के परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से सहायता की मांग की है। लोगों का कहना है कि परिवार ने अपना बच्चा खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

प्रशासन की ओर से अभी तक सहायता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पीड़ित परिवार को उचित मदद दी जाएगी।

लापरवाही पर कार्रवाई की मांग

बेलागीहल्ली हादसे ने एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा और रखरखाव पर ध्यान देने की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, पूरे गांव की नजर इस बात पर है कि कमजोर खंभे के कारण हुई इस दुर्घटना में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

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