NEET प्रदर्शन पर सियासत तेज, यतींद्र सिद्धारमैया ने अमित शाह से मांगी माफी
हुबली : NEET-UG प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही तभी आगे बढ़नी चाहिए, जब सरकार इस मुद्दे पर अपना जवाब दे।
हुबली में मीडिया से बातचीत के दौरान यतींद्र सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि NEET-UG प्रश्न पत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती बरती और इस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर सरकार को जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले छात्रों से माफी मांगें और इसके बाद ही संसद में अन्य मुद्दों पर चर्चा हो। सिद्धारमैया ने कहा कि जब तक इस मामले में सरकार अपना पक्ष स्पष्ट नहीं करती, तब तक संसद की कार्यवाही को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा।
यतींद्र सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई का आदेश गृह मंत्रालय की ओर से दिया गया था। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ किए गए व्यवहार को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से इस आरोप पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
NEET-UG प्रश्न पत्र लीक का मामला पिछले कुछ समय से देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के हितों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामले में सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वहीं, सरकार की ओर से पहले भी कहा गया है कि परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
संसद के मानसून सत्र में भी NEET विवाद को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की है। विपक्षी सांसदों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा और जवाब की मांग की है। कई मौकों पर हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित भी हुई है।
यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि छात्रों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और छात्रों का विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी से लाखों विद्यार्थियों पर असर पड़ता है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
इस बीच, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां विपक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं सरकार परीक्षा विवाद की जांच और सुधारात्मक कदमों पर जोर दे रही है।
यतींद्र सिद्धारमैया के बयान के बाद कर्नाटक में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई और छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की है।
उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस की मांग है कि पहले छात्रों से माफी मांगी जाए और उसके बाद ही संसद में सामान्य कामकाज शुरू हो। उनके अनुसार, छात्रों की आवाज सुनना और उनकी चिंताओं का समाधान करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
फिलहाल NEET-UG विवाद संसद से लेकर राज्यों तक राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है।