चेन्नई। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक स्थित कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में हुई गोलीबारी की घटना अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। इस मामले को लेकर तमिलनाडु के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने आवाज उठाई है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। नेताओं ने सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को अधिक मुआवजा दिया जाए और परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।
मृतकों के परिवारों से मिले राजनीतिक दलों के नेता
घटना के बाद तमिलनाडु के अलग-अलग दलों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल हनूर के थोमियारपाल्या गांव पहुंचा। नेताओं ने मृतकों के परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।
प्रतिनिधिमंडल में पूर्व विधायक वेलुस्वामी के नेतृत्व में कई नेता शामिल थे। इनमें वेंकटेश्वरन, धर्मपुरी PMK जिला अध्यक्ष मंजूनाथ समेत अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
नेताओं ने परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को सरकार के सामने उठाएंगे और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।
विधानसभा में भी उठा मामला
कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में हुई गोलीबारी को लेकर तमिलनाडु विधानसभा में भी आवाज उठाई गई। अलग-अलग राजनीतिक दलों के सदस्यों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
राजनीतिक नेताओं का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए ताकि मृतकों के परिवारों को न्याय मिल सके।
मुख्यमंत्री ने जताया था दुख
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी घटना में तीन लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया था। उन्होंने गोलीबारी की घटना की निंदा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य में इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। विपक्षी दलों ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए और पीड़ित परिवारों के लिए सहायता की मांग की।
परिवारों को सहायता देने की मांग
मृतकों के परिवारों से मिलने पहुंचे नेताओं ने कहा कि परिवारों ने अपने सदस्य खोए हैं और उन्हें सिर्फ सांत्वना नहीं बल्कि ठोस सहायता की जरूरत है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद दी जाए। इसके साथ ही परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने पर भी विचार किया जाए, ताकि उनके भविष्य को सहारा मिल सके।
घटना की जांच पर उठे सवाल
हनूर गोलीबारी मामले में घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और मृतकों के परिवारों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गोलीबारी की पूरी स्थिति की जांच होनी चाहिए। वहीं, संबंधित विभाग और अधिकारी भी मामले की जांच कर रहे हैं।
राजनीतिक दलों का कहना है कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए।
वन क्षेत्र में हुई थी गोलीबारी
यह घटना कावेरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी क्षेत्र में हुई थी। वन क्षेत्र होने के कारण वहां सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था रहती है।
गोलीबारी में तीन लोगों की मौत के बाद वन विभाग की कार्रवाई और भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।
राजनीतिक दबाव बढ़ा
घटना के बाद तमिलनाडु और कर्नाटक दोनों राज्यों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नेताओं के परिवारों से मिलने और सरकार से मांग करने के बाद मामले पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह जल्द और निष्पक्ष जांच कराकर घटना की वास्तविक वजह सामने लाए।
आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। मृतकों के परिवारों को सहायता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
राजनीतिक दलों ने साफ कर दिया है कि वे इस मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे। अब नजर सरकार और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर है।