मिड-डे मील योजना में अंडों की सब्सिडी बढ़ाने की तैयारी, बच्चों के पोषण पर सरकार का जोर
बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिड-डे मील योजना के तहत दिए जाने वाले अंडों की सब्सिडी राशि बढ़ाने पर विचार कर रही है। राज्य सरकार का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए मौजूदा बाजार कीमतों के अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता मंत्री मधु बंगारप्पा ने मंगलवार को विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कांग्रेस एमएलसी रामोजी गौड़ा के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही वित्त विभाग के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि बैठक के बाद अंडों के लिए दी जा रही सब्सिडी राशि में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
कर्नाटक सरकार की ओर से मिड-डे मील योजना के तहत छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों को संतुलित आहार देना और कुपोषण की समस्या को कम करना है। अंडे को प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए कई स्कूलों में इसे भोजन का हिस्सा बनाया गया है।
मंत्री मधु बंगारप्पा ने कहा कि सरकार बच्चों की सेहत को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में अंडों की कीमतों में बदलाव को देखते हुए मौजूदा राशि की समीक्षा जरूरी है, ताकि स्कूलों में छात्रों को निर्धारित पोषण आहार उपलब्ध कराया जा सके।
इससे पहले कांग्रेस एमएलसी रामोजी गौड़ा ने विधान परिषद में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बाजार में अंडों की कीमत और सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही राशि के बीच काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के कारण स्कूलों और संबंधित संस्थाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामोजी गौड़ा ने सरकार से मांग की कि अंडों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को मौजूदा बाजार दरों के अनुरूप बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर राशि में समय के अनुसार संशोधन नहीं किया गया तो योजना के प्रभावी संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।
मिड-डे मील योजना देशभर में बच्चों के पोषण और स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए चलाई जाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती विकास में पर्याप्त पोषण की भूमिका बेहद अहम होती है। प्रोटीन युक्त भोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है।
कर्नाटक सरकार पहले भी स्कूलों में पोषण स्तर सुधारने के लिए कई योजनाएं चला चुकी है। अंडे उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य खासकर उन बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुंचाना है, जिन्हें घर पर पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंडों की कीमतों में समय-समय पर बदलाव होता रहता है। ऐसे में योजना के लिए तय राशि की समीक्षा करना जरूरी हो जाता है। सरकार अब वित्त विभाग के साथ चर्चा कर यह तय करेगी कि सब्सिडी राशि कितनी बढ़ाई जाए।
शिक्षाविदों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मिड-डे मील केवल भोजन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पौष्टिक भोजन मिलने से बच्चों की सेहत बेहतर होती है और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति भी बढ़ती है।
सरकार के इस कदम को बच्चों के पोषण स्तर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय वित्त विभाग के साथ होने वाली बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल कर्नाटक सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह अंडों की सब्सिडी राशि बढ़ाने के पक्ष में है। आने वाले दिनों में होने वाली बैठक के बाद यह तय होगा कि छात्रों को मिलने वाले पोषण आहार को बेहतर बनाने के लिए सरकार कितनी अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराती है।