कर्नाटक CPC भर्ती परीक्षा में धार्मिक कपड़ों पर रोक नहीं, गृह मंत्री ने जारी किए निर्देश
बेंगलुरु। कर्नाटक में होने वाली सिविल पुलिस कॉन्स्टेबल (CPC) भर्ती परीक्षा को लेकर गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को धार्मिक कपड़े या धार्मिक गहने पहनकर आने की अनुमति होगी। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा कि जो उम्मीदवार अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कपड़े या गहने पहनकर परीक्षा देना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी। हालांकि, सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अतिरिक्त समय लेकर पहुंचना होगा।
गृह मंत्री ने बताया कि धार्मिक कपड़े या धार्मिक गहने पहनने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से ढाई घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। उन्हें अनिवार्य सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। जांच पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले और परीक्षा बिना किसी परेशानी के संपन्न हो।
प्रियांक खड़गे ने बताया कि उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड में परीक्षा से जुड़े सभी जरूरी दिशा-निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। इनमें ड्रेस कोड, परीक्षा केंद्र पर ले जाने वाली और प्रतिबंधित वस्तुओं की जानकारी शामिल है। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे एडमिट कार्ड में दिए गए सभी नियमों को ध्यान से पढ़ें और उनका पालन करें।
गृह मंत्री ने उम्मीदवारों को यह भी चेतावनी दी कि परीक्षा केंद्र पर किसी भी प्रतिबंधित वस्तु को लेकर न आएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
उन्होंने उम्मीदवारों से मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या सामान्य घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, किताबें, बैग और अन्य प्रतिबंधित सामान परीक्षा केंद्र पर नहीं लाने की अपील की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच सख्ती से की जाए, ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता बनी रहे।
CPC भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की गई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और उम्मीदवारों की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत रखी जाएगी।
धार्मिक कपड़ों और गहनों को लेकर गृह मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब कई प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्रेस कोड और सुरक्षा जांच को लेकर बहस होती रही है। सरकार ने साफ किया है कि धार्मिक आस्था से जुड़े पहनावे को लेकर उम्मीदवारों को परेशानी नहीं होगी, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।
प्रियांक खड़गे ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। धार्मिक पहचान या पहनावे के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा जांच की प्रक्रिया सभी के लिए जरूरी होगी।
कर्नाटक सरकार का कहना है कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को खत्म किया जा सके।
गौरतलब है कि पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा शामिल होते हैं और उम्मीदवारों के भविष्य के लिए यह परीक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सरकार का प्रयास है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में आयोजित हो।
फिलहाल, गृह मंत्री के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कर्नाटक की CPC भर्ती परीक्षा में धार्मिक पहनावे को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हालांकि, उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय लेकर पहुंचना होगा और सुरक्षा जांच की पूरी प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य रहेगा।