Mysore : खुले में पेशाब रोकने के लिए अनोखा प्रयोग, स्टेनलेस स्टील शीट लगाई गई

Update: 2026-05-07 09:19 GMT

Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के मैसूर में मैसूर मेट्रोपॉलिटन कॉर्पोरेशन (MCC) के अधिकारियों ने खुले में पेशाब करने की समस्या पर रोक लगाने के लिए एक नया और अलग तरीका अपनाया है। यह कदम KSRTC उपनगरीय बस स्टैंड के बाहर, जहां यह समस्या लंबे समय से देखी जा रही थी, वहां लागू किया गया है।

अधिकारियों ने बस स्टैंड के सामने बेंगलुरु–नीलगिरी रोड के फुटपाथ पर स्टेनलेस स्टील की चमकदार शीट्स लगाई हैं। इन शीट्स को इस तरह से लगाया गया है कि वे शीशे की तरह काम करती हैं और आसपास का दृश्य साफ दिखाई देता है। इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोग जब खुले में पेशाब करने की कोशिश करें तो उन्हें यह एहसास हो कि वे किसी की नजर में हैं, जिससे वे ऐसा करने से बचें।

यह पूरा प्रयोग लगभग 85 मीटर के दायरे में किया गया है। इस क्षेत्र में लगाए गए स्टेनलेस स्टील फ्रेम काफी चमकदार हैं और दिन के समय इनमें आसपास का पूरा वातावरण प्रतिबिंबित होता है। इसी कारण यह प्रभाव पैदा होता है कि वहां मौजूद व्यक्ति को कोई देख रहा है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने और स्वच्छता सुधारने के लिए यह एक व्यवहार आधारित (behavioral) समाधान के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से इस इलाके में खुले में पेशाब करने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे गंदगी और बदबू की समस्या भी उत्पन्न हो रही थी।

MCC का मानना है कि केवल चेतावनी बोर्ड या जुर्माना लगाने से कई बार समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती, इसलिए अब ऐसे प्रयोग किए जा रहे हैं जो लोगों के व्यवहार पर सीधा असर डालें। इस प्रयोग में चमकदार स्टील शीट का उपयोग इसलिए किया गया है ताकि यह एक तरह का दृश्य दबाव बनाए और लोग असहज महसूस करें।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कदम के बाद कुछ हद तक सुधार देखा गया है और लोग अब पहले की तुलना में इस स्थान पर खुले में पेशाब करने से बच रहे हैं। हालांकि, अधिकारी इस व्यवस्था की प्रभावशीलता का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह तरीका लंबे समय तक कितना कारगर साबित होता है।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है, जहां ऐसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। उनका उद्देश्य शहर में स्वच्छता बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन को मजबूत करना है।

यह पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि इसमें पारंपरिक तरीकों के बजाय व्यवहारिक और दृश्य प्रभाव पर आधारित समाधान अपनाया गया है।

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