CM डीके शिवकुमार के भाषण के बीच लगे मोदी-मोदी के नारे, जवाब देकर लूटी महफिल
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विधान सौधा में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाषण के बीच अचानक ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगने लगे। लोगों की नारेबाजी पर मुख्यमंत्री ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी और हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों की ओर थंब्स अप का इशारा किया और अपना संबोधन जारी रखा।
विधान सौधा में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार लोगों को संबोधित करने के लिए मंच पर आए और अपना भाषण शुरू किया, तभी भीड़ के एक हिस्से से ‘मोदी-मोदी’ के नारे सुनाई देने लगे। कुछ देर तक नारेबाजी जारी रही। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी दिखाने के बजाय अपने अंदाज में इसका जवाब दिया।
डीके शिवकुमार ने लोगों की ओर देखते हुए कहा, “मोदी डीके हैं... क्या आप मोदी-मोदी हैं?” इसके बाद उन्होंने भीड़ की ओर थंब्स अप का इशारा किया। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच उत्साह बढ़ गया और कुछ लोगों ने ‘डीके-डीके’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मुस्कुराते नजर आए और इसके बाद उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपना संबोधन आगे बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “मैं आपको 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई देता हूं। यह एक नया दौर है, यह आपका दौर है, एक नया कर्नाटक, आपका बेंगलुरु।” उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता सेनानियों और पूर्वजों के संघर्ष से मिली आजादी की रक्षा करने का आह्वान किया।
डीके शिवकुमार ने कहा कि आजादी देश को लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद मिली है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह इसकी रक्षा करे और देश तथा राज्य को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कर्नाटक और बेंगलुरु के भविष्य को लेकर भी लोगों को संदेश दिया और कहा कि पूरा देश उनकी ओर देख रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विधान सौधा में जुटी भीड़ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोपहर में करीब 15 हजार लोग विधान सौधा पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को उन्होंने खास बताया। डीके शिवकुमार ने कहा कि पहले लोग विधान सौधा के आसपास तस्वीरें खिंचवाने और मूंगफली खाने आया करते थे, लेकिन अब लोगों को इस ऐतिहासिक भवन और यहां होने वाले कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने विधान सौधा को लोकतंत्र का मंदिर बताते हुए कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि जनता और वह स्वयं इस मंदिर में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए भाषण देना सबसे महत्वपूर्ण बात नहीं है, बल्कि लोगों के बीच पहुंचना और उनसे मिलना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “मेरे लिए भाषण महत्वपूर्ण नहीं है। मैं आपसे मिलने आया हूं।”
मुख्यमंत्री का यह अंदाज कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। भाषण के दौरान ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगने के बावजूद उन्होंने अपना संबोधन नहीं रोका और नारे लगाने वालों को सहज अंदाज में जवाब दिया। इसके तुरंत बाद ‘डीके-डीके’ के नारे लगने से कार्यक्रम का माहौल और उत्साहपूर्ण हो गया।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विधान सौधा को विशेष रूप से सजाया गया था और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने पहुंचे। बेंगलुरु के सबसे प्रमुख स्थलों में शामिल विधान सौधा कर्नाटक की विधानसभा और राज्य प्रशासन का प्रमुख केंद्र है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर यहां आयोजित कार्यक्रमों का विशेष महत्व रहता है।
डीके शिवकुमार ने अपने संबोधन के दौरान नए कर्नाटक और नए बेंगलुरु की बात करते हुए विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं का भी संकेत दिया। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों को राज्य की प्रगति में भागीदार बनने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर नई पीढ़ी का है और कर्नाटक को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि देशभर की नजर कर्नाटक और विशेष रूप से बेंगलुरु पर है। बेंगलुरु भारत के प्रमुख महानगरों में शामिल है और तकनीक तथा नवाचार के बड़े केंद्र के रूप में इसकी वैश्विक पहचान है। ऐसे में शहर और राज्य के नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहुंचे लोगों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने आजादी को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने संघर्ष करके देश को स्वतंत्रता दिलाई और अब वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि उस आजादी के मूल्यों को बनाए रखा जाए। उनके संबोधन में स्वतंत्रता, लोकतंत्र और कर्नाटक के विकास का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया।
विधान सौधा में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच हुआ यह कार्यक्रम राजनीतिक नारेबाजी के कारण भी सुर्खियों में आ गया। मुख्यमंत्री के भाषण की शुरुआत में ‘मोदी-मोदी’ के नारे और उसके जवाब में बाद में लगे ‘डीके-डीके’ के नारों ने कार्यक्रम में अलग माहौल बना दिया। हालांकि डीके शिवकुमार ने इसे किसी टकराव में बदलने के बजाय सहज अंदाज में लिया और लोगों के साथ संवाद जारी रखा।
मुख्यमंत्री ने अंत में लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कर्नाटक के विकास और आजादी की रक्षा के लिए मिलकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। वहीं, भाषण के बीच हुई नारेबाजी और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया स्वतंत्रता दिवस समारोह के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गई।