कर्नाटक सरकार की AI तैयारी तेज, एन्थ्रोपिक से दो लाख लोगों को ट्रेनिंग देने में सहयोग की मांग
बेंगलुरु। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कर्नाटक सरकार ने एक बड़ी पहल शुरू की है। राज्य सरकार ने गुरुवार को AI कंपनी एन्थ्रोपिक (Anthropic) से इंडस्ट्री-सपोर्टेड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम को मिलकर विकसित करने में सहयोग मांगा है। सरकार का लक्ष्य अपनी प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी की शुरुआत से पहले राज्य में करीब दो लाख लोगों को AI से जुड़ी आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना है।
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने यह प्रस्ताव एन्थ्रोपिक के इंटरनेशनल पॉलिसी हेड माइकल सेलिटो के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान रखा। बैठक में कर्नाटक में AI शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कंपनी से आग्रह किया कि वह AI प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पाठ्यक्रम (करिकुलम) तैयार करने, शिक्षण सामग्री विकसित करने और मूल्यांकन प्रणाली (असेसमेंट सिस्टम) बनाने में सहयोग करे। सरकार का उद्देश्य ऐसा प्रशिक्षण मॉडल तैयार करना है, जिससे युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप AI कौशल हासिल हो सके।
कर्नाटक पहले से ही देश के सबसे बड़े तकनीकी केंद्रों में शामिल है। बेंगलुरु में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां, स्टार्टअप और वैश्विक तकनीकी संस्थान मौजूद हैं। राज्य सरकार का मानना है कि AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करना जरूरी है।
सरकार की योजना है कि AI यूनिवर्सिटी की स्थापना से पहले ही एक बड़ा कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाए। इसके लिए इंडस्ट्री के साथ मिलकर प्रमाणन आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित कार्यक्रम में AI के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, जनरेटिव AI, ऑटोमेशन और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण शामिल किए जा सकते हैं। इसका लाभ छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले युवाओं को मिलेगा।
मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक AI के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल तकनीक का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि AI के क्षेत्र में विशेषज्ञ और नवाचार करने वाले युवाओं की एक मजबूत टीम तैयार करना है।
एन्थ्रोपिक दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों में से एक है, जो उन्नत AI मॉडल और सुरक्षित AI तकनीक के विकास पर काम करती है। कंपनी के साथ सहयोग से कर्नाटक को AI शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता हासिल करने में मदद मिल सकती है।
बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि AI प्रशिक्षण को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को AI आधारित रोजगार के अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
कर्नाटक सरकार इससे पहले भी AI के क्षेत्र में विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कदम उठा चुकी है। राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में AI यूनिवर्सिटी से संबंधित कानून का मसौदा पेश करने की तैयारी की जा रही है।
प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी का उद्देश्य शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। सरकार चाहती है कि यह संस्थान AI क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का केंद्र बने।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI लगभग हर क्षेत्र को प्रभावित करने वाला है। ऐसे में युवाओं को समय रहते AI कौशल से लैस करना रोजगार और आर्थिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
कर्नाटक सरकार और एन्थ्रोपिक के बीच संभावित सहयोग को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम के जरिए युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी क्षमता विकसित करने का अवसर मिल सकता है।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि AI शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जाए, ताकि कर्नाटक भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रख सके। दो लाख लोगों को प्रशिक्षित करने की योजना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि एन्थ्रोपिक के साथ सहयोग का ढांचा किस तरह तैयार होता है और प्रस्तावित AI प्रशिक्षण कार्यक्रम कब शुरू किया जाता है। यदि यह पहल सफल होती है तो कर्नाटक देश में AI कौशल विकास का एक बड़ा केंद्र बन सकता है।