बेंगलुरु। कर्नाटक में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार लगातार प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रही है। उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने रविवार को कहा कि राज्य के 200 से अधिक तालुकाओं को सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची में शामिल किए जाने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा तय किए गए मानकों और जमीन पर किए गए ग्राउंड-ट्रूथिंग (वास्तविक स्थिति की जांच) के आधार पर लिया जा रहा है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान के लिए चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन किया जा रहा है।

पहले चरण में 101 तालुके घोषित

डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने बताया कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में 101 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में 24 और तालुकाओं को इस सूची में शामिल किया गया।

अब अगले चरण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।

52 और तालुकाओं को जल्द किया जा सकता है शामिल

उप-मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि आने वाले तीन से चार दिनों के भीतर 52 और तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों की स्थिति का आकलन तय मानकों के आधार पर किया गया है और सरकार प्रभावित इलाकों की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है।

करीब 50 तालुकाओं का होगा निरीक्षण

जी. परमेश्वर ने कहा कि इसके बाद भी लगभग 50 और तालुकाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों की स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद ही इन्हें सूखा प्रभावित घोषित करने पर निर्णय लिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि प्रभावित क्षेत्रों की सही पहचान हो, ताकि जरूरतमंद इलाकों तक राहत पहुंचाई जा सके।

फसल और जल स्थिति का लिया जा रहा जायजा

सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान के दौरान कई पहलुओं को देखा जा रहा है। इनमें बारिश की स्थिति, जल उपलब्धता, फसलों पर असर और ग्रामीण क्षेत्रों की परिस्थितियों का आकलन शामिल है।

ग्राउंड-ट्रूथिंग के जरिए अधिकारियों की टीमें मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं।

किसानों पर सूखे का असर

कर्नाटक में कई इलाकों में कम बारिश के कारण खेती प्रभावित होने की चिंता जताई जा रही है। सूखे की स्थिति का सबसे ज्यादा असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर राहत और सहायता योजनाओं को लागू करने की तैयारी कर रही है।

सरकार ने तय किए हैं मानक

डिप्टी सीएम ने कहा कि सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित करने के लिए सरकार ने कुछ मानदंड तय किए हैं। इन्हीं मानकों के आधार पर तालुकाओं का चयन किया जा रहा है।

सिर्फ बारिश की कमी ही नहीं, बल्कि कृषि और स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

राहत उपायों पर होगी आगे की कार्रवाई

सूखा प्रभावित क्षेत्रों की अंतिम सूची तैयार होने के बाद सरकार की ओर से राहत उपायों को लेकर आगे कदम उठाए जाएंगे।

इसमें किसानों को सहायता, जल प्रबंधन और प्रभावित क्षेत्रों के लिए जरूरी योजनाओं पर काम किया जा सकता है।

चरणबद्ध प्रक्रिया जारी

फिलहाल कर्नाटक सरकार सूखे की स्थिति का आकलन चरणबद्ध तरीके से कर रही है। अब तक 125 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है और आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ने की संभावना है।

उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं।

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