इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में कर्नाटक का शानदार प्रदर्शन, नीति आयोग इंडेक्स में मिला तीसरा स्थान
बेंगलुरु। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के मामले में कर्नाटक ने देश के प्रमुख राज्यों में अपनी जगह बनाई है। नीति आयोग की ओर से जारी ‘इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स (IEMI) 2025’ में कर्नाटक ने 73 अंक हासिल कर देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ कर्नाटक उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
नीति आयोग के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत समर्थन और परिवहन क्षेत्र में बदलाव जैसे कई मानकों के आधार पर आंका गया है। इस इंडेक्स का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की स्थिति का आकलन करना और राज्यों के प्रदर्शन की तुलना करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ने 84 अंकों के साथ इंडेक्स में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं महाराष्ट्र 78 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। कर्नाटक को 73 अंक मिले और वह तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद चंडीगढ़ 71 अंक और गोवा 65 अंक के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं।
नीति आयोग के अनुसार, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 65 या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं, उन्हें ‘बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्य’ (Best Performing States) की श्रेणी में रखा गया है। कर्नाटक और महाराष्ट्र दोनों को इस श्रेणी में जगह मिली है।
कर्नाटक का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन कई वर्षों से विकसित किए जा रहे EV इकोसिस्टम का परिणाम माना जा रहा है। राज्य ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों, स्टार्टअप और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार ने भी इस क्षेत्र को मजबूती दी है।
कर्नाटक भारत के प्रमुख ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी केंद्रों में से एक है। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, बैटरी तकनीक और चार्जिंग समाधान से जुड़े कई उद्योग काम कर रहे हैं। इस वजह से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास के लिए यहां एक मजबूत आधार तैयार हुआ है।
राज्य में दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक स्कूटर और अन्य ईवी विकल्पों की मांग बढ़ने के साथ चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के पीछे सरकार का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाना और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है।
नीति आयोग का यह इंडेक्स राज्यों को अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों और योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए दिशा देने का काम करता है। इसके जरिए यह समझने में मदद मिलती है कि कौन से राज्य EV अपनाने, चार्जिंग सुविधाओं और नीति क्रियान्वयन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कर्नाटक सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए भी कई प्रयास किए हैं। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कंपनियों और बैटरी से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे रोजगार के अवसरों के साथ-साथ नई तकनीक के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बेंगलुरु को देश के प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन केंद्रों में गिना जाता है। शहर में कई इलेक्ट्रिक वाहन स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां काम कर रही हैं। इसके अलावा राज्य के अन्य शहरों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार के लिए चार्जिंग नेटवर्क, बैटरी लागत, बिजली आपूर्ति और उपभोक्ताओं की जागरूकता जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। राज्यों को इन क्षेत्रों में लगातार काम करने की जरूरत है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बड़े स्तर पर बढ़ाया जा सके।
कर्नाटक का तीसरा स्थान हासिल करना राज्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दिशा में प्रगति को दर्शाता है। नीति आयोग के इंडेक्स में 73 अंक हासिल करके राज्य ने यह साबित किया है कि मजबूत नीति, उद्योगों की भागीदारी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में चार्जिंग सुविधाओं, बैटरी तकनीक और हरित परिवहन व्यवस्था को मजबूत करना राज्यों के लिए महत्वपूर्ण होगा। कर्नाटक का प्रदर्शन इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दिखाता है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में कर्नाटक का प्रदर्शन राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दिल्ली और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर रहकर कर्नाटक ने देश के उन राज्यों में अपनी पहचान बनाई है, जो भविष्य की स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।