बेंगलुरु। पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर बुधवार को कर्नाटक में ईद-ए-मिलाद का त्योहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के विभिन्न इलाकों में धार्मिक कार्यक्रमों और जुलूसों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया गया।
बेंगलुरु के टैनरी रोड, शिवाजीनगर, एनआर रोड समेत कई इलाकों में ईद-ए-मिलाद के मौके पर जुलूस निकाले गए। जुलूसों में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। लोगों ने धार्मिक झंडों के साथ तिरंगा भी हाथों में लिया और देश में आपसी एकता और सद्भाव का संदेश दिया।
जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के भी विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई थी, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई थी।
ईद-ए-मिलाद के अवसर पर शहर की कई मस्जिदों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए। सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में कव्वाली और धार्मिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
बेंगलुरु के YMCA ग्राउंड में ‘मरकजी मिलाद-ओ-सीरत कमेटी सुन्नी जमात अल कर्नाटक’ की ओर से विशेष ईद-ए-मिलाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा, विकास और सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है और समाज में शांति एवं भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की पहचान विविधता और आपसी सम्मान की संस्कृति से है। उन्होंने लोगों से मिलजुलकर रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
ईद-ए-मिलाद कार्यक्रम में धार्मिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। वक्ताओं ने पैगंबर मुहम्मद के जीवन और उनके संदेशों का उल्लेख करते हुए प्रेम, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने की अपील की।
शहर में निकाले गए जुलूसों में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई स्थानों पर लोगों ने स्वागत व्यवस्था की थी और जुलूस में शामिल लोगों के लिए पानी और अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया गया था।
बच्चों और युवाओं की भागीदारी इस बार विशेष रूप से देखने को मिली। हाथों में तिरंगा और धार्मिक झंडे लेकर युवाओं ने एकता और देशप्रेम का संदेश दिया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करते हैं।
प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पहले से तैयारियां की थीं। जुलूस के मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया गया।
ईद-ए-मिलाद मुस्लिम समुदाय का प्रमुख धार्मिक त्योहार है, जिसे पैगंबर मुहम्मद के जन्मदिन की याद में मनाया जाता है। इस दिन धार्मिक कार्यक्रम, प्रार्थना और सामाजिक आयोजन किए जाते हैं।
कर्नाटक में इस बार भी ईद-ए-मिलाद का आयोजन उत्साह और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जुलूसों और कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान का संदेश दिया।