1400 करोड़ की संपत्ति पर डीके शिवकुमार का जवाब, कुमारस्वामी को बहस की चुनौती
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की ओर से उनकी संपत्ति को लेकर लगाए गए आरोपों पर पलटवार किया है। शिवकुमार ने कहा कि उनके परिवार की संपत्ति की मौजूदा कीमत करीब 1,400 करोड़ रुपये है, लेकिन यह पूरी तरह कानूनी तरीके से अर्जित की गई है और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने कुमारस्वामी को इस मुद्दे पर विधानसभा में खुली बहस की चुनौती भी दी।
दरअसल, केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने शिवकुमार की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार की संपत्ति लगभग 4 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1,444 करोड़ रुपये तक पहुंच गई और इसे NICE रोड परियोजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं से जोड़ा। शिवकुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
शिवकुमार ने कहा कि वह कारोबारी परिवार से आते हैं और लंबे समय से व्यापार तथा निवेश से जुड़े रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी किसान का बेटा अपने कारोबार और निवेश से संपत्ति बनाता है तो इसमें गलत क्या है। उनका कहना है कि उनकी संपत्तियों और आय का पूरा विवरण आयकर विभाग तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के सामने घोषित किया गया है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर उनके परिवार की संपत्ति करीब 1,400 करोड़ रुपये है। शिवकुमार का कहना है कि यह कोई छिपी हुई संपत्ति नहीं है और चुनावी हलफनामों तथा वैधानिक घोषणाओं में इसका उल्लेख किया गया है। 2023 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे में शिवकुमार और उनके आश्रितों की संयुक्त संपत्ति करीब 1,413.78 करोड़ रुपये घोषित की गई थी।
कुमारस्वामी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवकुमार ने कहा कि यदि उनके पास किसी तरह की अनियमितता से जुड़े दस्तावेज या सबूत हैं तो वे उन्हें आयकर विभाग या संबंधित जांच एजेंसियों को सौंप सकते हैं। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने से कोई बात साबित नहीं होती और यदि कुमारस्वामी के पास ठोस तथ्य हैं तो वे सामने रखें।
शिवकुमार ने विधानसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा की चुनौती दी। उनका कहना है कि वह NICE रोड परियोजना, अपनी संपत्ति और उससे जुड़े सभी आरोपों पर सदन में बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने कुमारस्वामी से कहा कि वे दस्तावेजों के साथ आएं और सार्वजनिक रूप से पूरे मामले पर चर्चा करें।
कुमारस्वामी की ओर से लगाए गए आरोप बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर यानी BMIC और NICE रोड परियोजना से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि परियोजना के ढांचे में बदलाव से कुछ निजी हितों को फायदा पहुंचा और शिवकुमार के परिवार की संपत्ति को भी लाभ हुआ। ये आरोप कुमारस्वामी के राजनीतिक दावे हैं और फिलहाल इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
शिवकुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनकी संपत्ति व्यवसाय और वैध निवेश से बनी है और इसमें किसी प्रकार की अवैध कमाई शामिल नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि कुमारस्वामी इतने वर्षों बाद यह मुद्दा क्यों उठा रहे हैं।
दोनों नेताओं के बीच यह विवाद अब कर्नाटक की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है। कांग्रेस और जेडीएस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव के बीच संपत्ति और NICE रोड परियोजना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भी शिवकुमार के बचाव में मोर्चा संभाला है। कुछ कांग्रेस नेताओं ने पलटवार करते हुए कुमारस्वामी के परिवार की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे साफ है कि संपत्ति का मुद्दा अब दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
शिवकुमार का कहना है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और उनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध है। चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण हलफनामे में देना होता है और शिवकुमार ने भी चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति घोषित की थी।
दूसरी ओर कुमारस्वामी का कहना है कि संपत्ति में हुई तेज बढ़ोतरी और NICE रोड परियोजना से जुड़े फैसलों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने परियोजना से जुड़े पुराने फैसलों और भूमि से संबंधित मामलों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी अदालत की ओर से अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
शिवकुमार ने यह भी कहा कि वह राजनीतिक दबाव या आरोपों से डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि किसी को उनकी संपत्ति पर संदेह है तो वह वैधानिक रास्ते से शिकायत कर सकता है और संबंधित एजेंसियां जांच कर सकती हैं।
यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, क्योंकि दोनों नेता एक-दूसरे को सार्वजनिक बहस की चुनौती दे रहे हैं। शिवकुमार ने विधानसभा में चर्चा के लिए तैयार रहने की बात कही है, जबकि कुमारस्वामी लगातार NICE रोड परियोजना और संपत्ति में हुई बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शिवकुमार ने करीब 1,400 करोड़ रुपये मूल्य की पारिवारिक संपत्ति होने की बात स्वीकार की है और दावा किया है कि यह पूरी तरह कानूनी तरीके से अर्जित और घोषित की गई है। दूसरी ओर कुमारस्वामी इसे लेकर अनियमितताओं के आरोप लगा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप केवल बयानबाजी तक सीमित रहता है या किसी औपचारिक जांच अथवा विधानसभा बहस तक पहुंचता है।