Mangaluru. मंगलुरु। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलुरु एयरपोर्ट और राज्य के तटीय क्षेत्रों की विकास संभावनाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दक्षिण कन्नड़, उडुपी और मंगलुरु क्षेत्र में मानव संसाधन और मानव क्षमता काफी मजबूत है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। मंगलुरु में बातचीत के दौरान डी. के. शिवकुमार ने कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद प्रतिभा और संभावनाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर विकास को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के इस हिस्से में लोगों की क्षमता और कौशल राज्य की बड़ी ताकत है।
उन्होंने तटीय क्षेत्र की विशेषताओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां समुद्री तट और लंबी तटीय रेखा मौजूद है, जो विकास के कई अवसर प्रदान करती है। तटीय इलाकों में उपलब्ध संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है। डी. के. शिवकुमार ने मंगलुरु एयरपोर्ट के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट सहित आधारभूत सुविधाओं का विकास क्षेत्र के लोगों, व्यापार और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर कनेक्टिविटी से तटीय कर्नाटक में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल और मानव क्षमता के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं। सरकार का उद्देश्य इन क्षमताओं को उचित दिशा देकर युवाओं और स्थानीय लोगों के लिए अधिक अवसर तैयार करना है। कर्नाटक का तटीय क्षेत्र अपनी समुद्री गतिविधियों, पर्यटन और व्यापारिक महत्व के लिए जाना जाता है। मंगलुरु इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र है, जहां बंदरगाह, उद्योग और परिवहन सुविधाएं मौजूद हैं।
शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र के विकास को लेकर काम कर रही है और स्थानीय क्षमताओं को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने तटीय क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं को राज्य के विकास से जोड़ने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने क्षेत्र की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाया जा सकता है।
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