CCTV ज़रूरी: राज्य सरकार ने मुज़राई मंदिरों में सुरक्षा और दान में पारदर्शिता के लिए SOP जारी किया

Update: 2026-07-13 11:11 GMT

Karnataka कर्नाटक: सरकार ने राज्य के सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों में दान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है। इस नई व्यवस्था के तहत मंदिरों में दान से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी बढ़ाने, डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की ओर से जारी SOP में मंदिरों में CCTV कैमरे और वेब कैमरे लगाना अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को दान देने के लिए QR कोड आधारित डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि नकद लेनदेन को कम किया जा सके और दान की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड में रहे।

यह नई व्यवस्था मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस निर्देश के बाद लाई गई है, जिसमें उन्होंने पिछले सप्ताह अधिकारियों को राज्यभर के हिंदू धार्मिक संस्थानों और एंडोमेंट्स (मुजराई) विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मंदिरों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए थे।

सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया था। हालांकि अलग-अलग मामलों में आरोपों की जांच और तथ्य अलग हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाओं के बाद मंदिरों में आने वाले चढ़ावे की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता की मांग बढ़ी है।

नई SOP के तहत मंदिर प्रशासन को दान पेटियों, काउंटरों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। CCTV कैमरों के जरिए दान प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया है। मंदिरों में QR कोड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु सीधे ऑनलाइन माध्यम से दान कर सकेंगे। इससे दान की राशि का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और हिसाब-किताब में पारदर्शिता बढ़ेगी।

अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल भुगतान व्यवस्था से मंदिरों में नकदी प्रबंधन से जुड़ी परेशानियां भी कम होंगी। साथ ही दान की रकम के इस्तेमाल और लेखा-जोखा तैयार करने में आसानी होगी।

SOP में मंदिर प्रशासन को दान से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मंदिरों में काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी तय करने की बात कही गई है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

कर्नाटक में मुजराई विभाग के तहत हजारों मंदिर आते हैं। इनमें कई बड़े और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शामिल हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और करोड़ों रुपये का दान प्राप्त होता है। ऐसे में दान प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों से कहा था कि मंदिरों में श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। धार्मिक संस्थानों में आने वाले दान का सही तरीके से उपयोग होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए।

धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं की ओर से भी लंबे समय से मांग की जाती रही है कि मंदिरों में मिलने वाले दान के प्रबंधन को आधुनिक और पारदर्शी बनाया जाए। सरकार की नई SOP इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि CCTV निगरानी और डिजिटल भुगतान जैसी व्यवस्थाएं लागू होने से मंदिरों की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी। इससे न केवल दान की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा भी बढ़ेगा।

कर्नाटक सरकार की यह पहल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है, जहां बड़े धार्मिक स्थलों पर दान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल नई SOP के लागू होने के बाद मंदिर प्रशासन इसकी व्यवस्था को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गया है।

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