कंधमाल। ओडिशा के कंधमाल जिले में गांजा तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दो अंतर-राज्यीय गांजा तस्करों ने कथित तौर पर प्रतिबंधित सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कांवड़ियों को ले जा रही एक गाड़ी का इस्तेमाल किया। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए फूलबानी सदर पुलिस ने बारापाड़ा के पास एक वैन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने वाहन से करीब 60 किलोग्राम गांजा बरामद किया।
मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर गांजा की अवैध तस्करी में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही, तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस को गांजा तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर फूलबानी सदर थाना क्षेत्र की पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान बारापाड़ा के पास पुलिस ने एक वैन को रोक लिया।
पुलिस के अनुसार, वाहन की तलाशी लेने पर उसमें गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे का वजन करीब 60 किलोग्राम बताया गया है। इसके बाद पुलिस ने वाहन में मौजूद दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
जांच के दौरान दोनों की पहचान उत्तर प्रदेश के निवासियों के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे तस्करी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।
कांवड़ियों को ले जाने वाली गाड़ी का इस्तेमाल
इस मामले की सबसे खास बात यह है कि कथित तौर पर गांजा तस्करी के लिए जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया, वह कांवड़ियों को ले जा रहा था। तस्करों द्वारा धार्मिक यात्रा से जुड़े वाहन का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वाहन में कांवड़ियों के साथ गांजा किस तरह रखा गया था और आरोपितों ने कथित तौर पर तस्करी के लिए इस वाहन का चयन क्यों किया।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपित पहले भी इसी तरह किसी यात्री या धार्मिक यात्रा से जुड़े वाहन का इस्तेमाल कर चुके हैं या यह पहली घटना थी।
अंतर-राज्यीय नेटवर्क की जांच
दोनों आरोपितों के उत्तर प्रदेश से होने के कारण पुलिस इस मामले को अंतर-राज्यीय तस्करी के संभावित नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही है। गांजा कहां से आया और इसकी डिलीवरी कहां की जानी थी, यह जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस आरोपितों से पूछताछ के आधार पर तस्करी की पूरी कड़ी का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसमें गांजा उपलब्ध कराने वाले लोगों से लेकर इसे संभावित खरीदार तक पहुंचाने वालों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
इसके अलावा आरोपितों के संपर्कों और यात्रा से संबंधित जानकारी भी जांच के दायरे में हो सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे इससे पहले किन स्थानों पर गए थे।
60 किलो गांजा बरामद होना बड़ी कार्रवाई
पुलिस द्वारा करीब 60 किलोग्राम गांजा बरामद किया जाना इस कार्रवाई का महत्वपूर्ण पहलू है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है।
बरामद गांजे को जब्त कर लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि बरामद गांजे की अनुमानित कीमत कितनी है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। हालांकि, इस संबंध में अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आने की संभावना है।
पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों से पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह जानना चाहती है कि दोनों आरोपी कंधमाल कैसे पहुंचे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
पूछताछ के जरिए गांजा की आपूर्ति करने वाले संभावित लोगों और इसे आगे पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की सतर्कता पर जोर
मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस लगातार संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर नजर रखती है। कंधमाल में की गई यह कार्रवाई भी गुप्त सूचना के आधार पर हुई, जिससे पुलिस को बड़ी मात्रा में गांजा बरामद करने में सफलता मिली।
बारापाड़ा के पास वैन को रोककर की गई कार्रवाई के बाद अब पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है। खास तौर पर धार्मिक यात्रा में इस्तेमाल होने वाले वाहन के कथित तौर पर तस्करी में इस्तेमाल किए जाने के पहलू को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
फिलहाल इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो लोगों की गिरफ्तारी और करीब 60 किलोग्राम गांजे की बरामदगी हुई है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ तस्करी के स्रोत, संभावित गंतव्य और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।