89 करोड़ के कथित घोटाले को लेकर बीजेपी का प्रदर्शन, सोमवार को विधान सौधा का घेराव
बेंगलुरु। कर्नाटक में कथित 89 करोड़ रुपये के कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर सोमवार को बेंगलुरु में विधान सौधा का घेराव करने का फैसला किया है। पार्टी का आरोप है कि घोटाले में मंत्री की कथित भूमिका को देखते हुए उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में बीजेपी के प्रस्तावित आंदोलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पिछले एक सप्ताह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और धरने कर रहे हैं। अब इस आंदोलन को राजधानी बेंगलुरु तक ले जाने का फैसला किया गया है।
आर. अशोक के अनुसार, बीजेपी सोमवार सुबह 9:30 बजे बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से मार्च निकालेगी। पार्टी कार्यकर्ता और नेता मार्च करते हुए विधान सौधा की ओर जाएंगे और वहां घेराव कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र भी इस आंदोलन में शामिल होंगे।
बीजेपी का कहना है कि वाल्मीकि विकास निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। विपक्षी पार्टी लगातार मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे या उन्हें कैबिनेट से हटाने की मांग कर रही है। पार्टी का तर्क है कि इतने बड़े वित्तीय विवाद के बीच संबंधित मंत्री को पद पर बनाए रखना जांच की निष्पक्षता और सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
आर. अशोक ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं का आंदोलन केवल बेंगलुरु तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह इस मुद्दे को उठाती रहेगी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि कथित घोटाले से जुड़े सवालों का जवाब सरकार को देना होगा और जनता के सामने पूरे मामले की सच्चाई रखनी होगी।
पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने का दावा भी विपक्ष के नेता ने किया। धरनों और प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। अब विधान सौधा का घेराव इस अभियान का बड़ा चरण माना जा रहा है।
विपक्षी बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस सरकार इस मामले में जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कथित तौर पर बड़ी राशि से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सरकार को तत्काल कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। बीजेपी ने मंत्री को पद से हटाने को अपनी प्रमुख मांग बना लिया है।
आर. अशोक ने इससे पहले भी सरकार पर इस मामले को लेकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बीजेपी के अनुसार, इस मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। फ्रीडम पार्क से विधान सौधा तक मार्च निकाले जाने के कारण पुलिस को यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ सकते हैं। बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना के बीच पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन कराने पर भी जोर रहेगा।
इस राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस सरकार और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। बीजेपी जहां मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं सरकार की ओर से मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ने की बात कही जा सकती है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र के आंदोलन में शामिल होने से पार्टी इसे बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में फ्रीडम पार्क पहुंचने की अपील की गई है। इसके बाद विधान सौधा के घेराव के जरिए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा।
कर्नाटक की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में भी महत्वपूर्ण रहने की संभावना है। विपक्षी दल ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मंत्री बी. नागेंद्र को कैबिनेट से हटाने की मांग से पीछे हटने के मूड में नहीं है। पार्टी का कहना है कि जब तक सरकार इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल सोमवार का प्रस्तावित विधान सौधा घेराव सरकार के लिए राजनीतिक रूप से अहम परीक्षा माना जा रहा है। फ्रीडम पार्क से सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाला बीजेपी का मार्च कितना बड़ा रूप लेता है और सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी। 89 करोड़ रुपये के कथित वाल्मीकि विकास निगम घोटाले को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से विधानसभा तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में इसका असर दिखाई देने की संभावना है।