खाद्य सुरक्षा पर कार्रवाई तेज, लेकिन FDA में 53% फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद खाली
बेंगलुरु। होटल और रेस्टोरेंट में खराब गुणवत्ता का खाना परोसने वालों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन विभाग के भीतर ही कर्मचारियों की भारी कमी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में स्वीकृत फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों में करीब 53 प्रतिशत पद खाली हैं। कुल 210 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 97 अधिकारी ही वर्तमान में कार्यरत हैं, जबकि 113 पद रिक्त पड़े हैं।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की कमी ऐसे समय में सामने आई है जब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण की जरूरत लगातार बढ़ रही है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, स्टोरेज, लेबलिंग और निर्धारित मानकों के पालन की निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है। ऐसे में बड़ी संख्या में पद खाली होने से विभाग पर काम का दबाव बढ़ने और निरीक्षण की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
आधे से ज्यादा पद खाली
आंकड़ों के मुताबिक, फूड सेफ्टी ऑफिसर के कुल 210 पद स्वीकृत हैं। इनमें से केवल 97 पदों पर अधिकारी काम कर रहे हैं। यानी 113 पद खाली हैं। इस तरह कुल स्वीकृत पदों में लगभग 53 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति नहीं है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की अहम कड़ी होते हैं। इनकी जिम्मेदारी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने, खाद्य पदार्थों के नमूने लेने, नियमों के उल्लंघन की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने से जुड़ी होती है।
ऐसे में अधिकारियों की संख्या कम होने का सीधा असर निरीक्षण की संख्या और क्षेत्रीय निगरानी पर पड़ सकता है। खासकर बड़े शहरों और उन क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार संचालित होते हैं, वहां पर्याप्त स्टाफ की जरूरत अधिक होती है।
होटल-रेस्टोरेंट पर बढ़ी कार्रवाई
FDA की ओर से हाल के दिनों में होटल और रेस्टोरेंट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई तेज की गई है। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव, साफ-सफाई, स्टोरेज और कच्चे माल की गुणवत्ता से जुड़ी कमियां सामने आती रही हैं।
खराब या संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल, गलत तरीके से भंडारण और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं करने जैसी शिकायतों पर विभाग कार्रवाई करता है। लेकिन जिस समय विभाग खाद्य कारोबारियों पर निगरानी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, उसी समय कर्मचारियों की कमी उसके सामने एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बनकर उभर रही है।
फूड एनालिस्ट के पद भी खाली
केवल फूड सेफ्टी ऑफिसर ही नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी रिक्तियां हैं। फूड एनालिस्ट और फूड इंस्पेक्टर समेत कई पदों पर कर्मचारियों की कमी बताई गई है।
खाद्य नमूनों की जांच में फूड एनालिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जब किसी होटल, रेस्टोरेंट या खाद्य प्रतिष्ठान से नमूना लिया जाता है, तो उसकी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच प्रयोगशाला में की जाती है। यदि विश्लेषण के लिए पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, तो नमूनों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसी तरह फूड इंस्पेक्टर और अन्य फील्ड स्टाफ की कमी का असर जमीनी स्तर पर निरीक्षण व्यवस्था पर पड़ सकता है।
बढ़ते खाद्य कारोबार के बीच चुनौती
शहरों में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, क्लाउड किचन और अन्य खाद्य कारोबार तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने इन सभी प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की चुनौती भी बढ़ रही है।
हर प्रतिष्ठान का समय-समय पर निरीक्षण करने, शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचने और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। यदि स्वीकृत पदों का बड़ा हिस्सा खाली रहता है तो सीमित कर्मचारियों को अधिक क्षेत्र और अधिक प्रतिष्ठानों की निगरानी करनी पड़ सकती है।
इससे निरीक्षण की आवृत्ति प्रभावित होने के साथ-साथ शिकायतों के निस्तारण में भी देरी की संभावना रहती है।
कार्रवाई और निगरानी में संतुलन जरूरी
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था केवल छापेमारी और कार्रवाई तक सीमित नहीं है। नियमित निरीक्षण, खाद्य कारोबारियों को नियमों की जानकारी देना, नमूनों की जांच, रिपोर्ट तैयार करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस पूरी प्रक्रिया के लिए फील्ड अधिकारियों से लेकर प्रयोगशाला विशेषज्ञों तक पर्याप्त मानव संसाधन की जरूरत होती है। ऐसे में रिक्त पदों को भरना विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई तभी प्रभावी हो सकती है जब विभाग के पास पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित अधिकारी और कर्मचारी हों। केवल नियमों को सख्ती से लागू करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित निगरानी और त्वरित जांच की व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए।
113 अधिकारियों की कमी से बढ़ा दबाव
फूड सेफ्टी ऑफिसर के 113 पदों का खाली होना विभागीय स्तर पर मानव संसाधन की बड़ी कमी को दर्शाता है। 97 अधिकारियों के जरिए 210 स्वीकृत पदों की जिम्मेदारी पूरी करना आसान नहीं है।
इन अधिकारियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में निरीक्षण के साथ शिकायतों पर कार्रवाई, खाद्य नमूने लेने और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी पर काम का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
यदि खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां होती हैं तो विभाग की फील्ड निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। इससे होटल और रेस्टोरेंट समेत अन्य खाद्य कारोबारियों की नियमित जांच भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
खाद्य सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है। होटल और रेस्टोरेंट में खराब गुणवत्ता के भोजन की शिकायतों पर कार्रवाई के साथ-साथ ऐसी स्थितियों को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण भी आवश्यक है।
मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि FDA को खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ अपने मानव संसाधन की समस्या पर भी ध्यान देना होगा। फूड सेफ्टी ऑफिसर के अलावा फूड एनालिस्ट, फूड इंस्पेक्टर और अन्य रिक्त पदों को भरना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
फिलहाल विभाग की ओर से होटल और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली होने से यह सवाल भी उठ रहा है कि सीमित स्टाफ के साथ व्यापक खाद्य सुरक्षा निगरानी कितनी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। रिक्त पदों पर नियुक्ति होने से न केवल निरीक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।