बेंगलुरु में दिव्यांग होने का नाटक कर भीख मांगने और मोबाइल चोरी का आरोप

Update: 2026-07-29 12:16 GMT

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी पर आरोप है कि वह दिव्यांग होने का नाटक कर लोगों से सहानुभूति हासिल करता था और इसी दौरान उनके मोबाइल फोन चोरी कर लेता था।

यह मामला ब्यातरयानपुरम् इलाके के पास आईटीआई लेआउट का है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुकेश के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इलाके में इसी तरह की गतिविधियों में शामिल था और लोगों को भ्रमित कर अपना शिकार बनाता था।

दिव्यांग होने का करता था नाटक

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुकेश खुद को शारीरिक रूप से कमजोर दिखाता था। वह लंगड़ाकर चलता था, जिससे लोगों को लगता था कि उसके पैर में कोई परेशानी है।

लोगों का कहना है कि वह इसी बहाने राहगीरों और आसपास के लोगों से मदद मांगता था। उसकी स्थिति देखकर कई लोग उसे पैसे या अन्य सहायता देते थे। आरोप है कि इसी दौरान वह मौका देखकर लोगों के मोबाइल फोन चुरा लेता था।

स्थानीय लोगों को हुआ शक

घटना के अनुसार, कुछ समय से इलाके के लोगों को उसके व्यवहार पर शक हो रहा था। लोगों का कहना है कि भीख मांगने के दौरान वह आसपास मौजूद लोगों पर नजर रखता था और मौका मिलते ही मोबाइल फोन गायब कर देता था।

जब कुछ लोगों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, तो उन्होंने उस पर नजर रखनी शुरू की। इसके बाद कथित तौर पर उसे पकड़ लिया गया।

पुलिस के हवाले किया गया आरोपी

स्थानीय लोगों ने आरोपी मुकेश को पकड़ने के बाद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू की।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी कोई शिकायत दर्ज है या नहीं। साथ ही, कथित मोबाइल चोरी की घटनाओं और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

मोबाइल चोरी की घटनाओं की जांच जारी

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कितने लोगों को निशाना बनाया और चोरी किए गए मोबाइल फोन कहां हैं।

जांच के दौरान पुलिस इलाके में हुई अन्य चोरी की घटनाओं से भी आरोपी के संबंधों की जानकारी जुटा सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

इस घटना के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाने को देनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सहानुभूति का गलत फायदा उठाने का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी ने लोगों की मदद करने की भावना का कथित तौर पर गलत फायदा उठाया। दिव्यांग होने का दिखावा कर लोगों का भरोसा जीतना और फिर चोरी करना गंभीर मामला है।

हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी पर लगे आरोप कितने सही हैं और वह किन घटनाओं में शामिल रहा है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों द्वारा आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किए जाने के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में जुटी हैं।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता जरूरी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देना महत्वपूर्ण है।

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