बेंगलुरु। नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास अचानक आई बाढ़ और अन्य प्राकृतिक घटनाओं के कारण फंसे कर्नाटक के तीन लोगों समेत कुल 23 यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। कर्नाटक सरकार के राजस्व विभाग (आपदा प्रबंधन) के एक अधिकारी ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं और उनकी मदद के लिए राज्य सरकार लगातार संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।
नेपाल के कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्राकृतिक आपदा से कई क्षेत्रों में जान-माल का नुकसान हुआ है और जरूरी बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है।
नेपाल में बाढ़ से बिगड़े हालात
नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास के क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण कई जगहों पर स्थिति गंभीर हो गई। तेज बहाव और भूस्खलन के चलते कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था बाधित होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से पहुंचे लोग भी कुछ स्थानों पर फंस गए थे।
कर्नाटक सरकार को जब नेपाल में अपने नागरिकों के फंसे होने की जानकारी मिली तो तुरंत उनकी सुरक्षा और सहायता के लिए कदम उठाए गए।
कर्नाटक के तीन लोग भी शामिल
राज्य सरकार के अनुसार, नेपाल में फंसे 23 लोगों में कर्नाटक के तीन लोग भी शामिल थे। अधिकारियों ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सरकार ने कहा कि फंसे हुए लोगों की जानकारी जुटाने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग सक्रिय हैं।
SEOC ने शुरू किया समन्वय
कर्नाटक के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) ने बताया कि नेपाल में बाढ़, भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी परिस्थितियों के कारण प्रभावित लोगों का पता लगाने और उन्हें सहायता पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
SEOC लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और नेपाल में मौजूद संबंधित एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए हुए है।
राज्य सरकार का कहना है कि किसी भी नागरिक को परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री रख रहे नजर
नेपाल में फंसे कर्नाटक के लोगों की स्थिति पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
सरकार ने कहा कि विदेश मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के रेजिडेंट कमिश्नर के साथ भी लगातार समन्वय किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय से संपर्क
राज्य सरकार के बयान के अनुसार, विदेश मंत्रालय और कर्नाटक भवन के अधिकारी नेपाल में फंसे लोगों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर लगातार संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सहायता पहुंचाने और यात्रियों की स्थिति की जानकारी जुटाने का काम किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद जरूरी होता है।
यात्रियों की जानकारी जुटाने के लिए बनाया फॉर्म
कर्नाटक सरकार ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए एक विशेष फॉर्म तैयार किया है।
इस फॉर्म के माध्यम से प्रभावित लोगों की मौजूदा लोकेशन, सुरक्षा स्थिति, संपर्क नंबर, यात्रा संबंधी जानकारी, ग्रुप की जानकारी और टूर ऑपरेटर से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक सही समय पर मदद पहुंचाई जा सके।
सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट गया है। कई मार्गों पर मलबा आने और जलभराव के कारण यातायात बाधित हुआ है।
ऐसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक रास्तों और सहायता व्यवस्था पर काम कर रहा है।
सरकार ने लोगों से की अपील
कर्नाटक सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि नेपाल में मौजूद लोग या उनके परिजन किसी भी तरह की जानकारी साझा करने के लिए संबंधित हेल्पलाइन और आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।
अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नेपाल में फंसे कर्नाटक के तीन लोगों समेत सभी 23 लोगों के सुरक्षित होने से राहत मिली है। हालांकि, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां उनकी पूरी सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।