बेंगलुरु के विकास के लिए 10-15 साल का मेगा प्लान, BMR में बनेंगी 9 नई इंडस्ट्रियल टाउनशिप
कर्नाटक : सरकार बेंगलुरु और उसके आसपास के मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास के लिए अगले 10 से 15 वर्षों की व्यापक योजना तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी BMRDA के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति बनाई जा रही है। इस योजना में ट्रैफिक, आवास, औद्योगिक विकास और शहरी विस्तार को एक साथ ध्यान में रखा जाएगा।
बेंगलुरु में आयोजित ‘बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन रीजन इकोनॉमिक डेवलपमेंट प्लान स्ट्रैटेजी’ की सीनियर एडवाइजरी ग्रुप की बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु शहरी जिले के सभी इलाकों को ग्रेटर बैंगलोर अथॉरिटी यानी GBA के अधिकार क्षेत्र में लाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य शहर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से समन्वित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु लगातार तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में शहर की आबादी, यातायात और बुनियादी ढांचे पर दबाव और बढ़ेगा। ऐसे में केवल मौजूदा जरूरतों को देखते हुए योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार ऐसी दीर्घकालिक रणनीति तैयार कर रही है, जो अगले डेढ़ दशक तक शहर की जरूरतों को पूरा कर सके।
बैठक में राज्य की अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले 2037 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 400 से 420 बिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना है। सरकार का मानना है कि इस आर्थिक लक्ष्य को हासिल करने में बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
बेंगलुरु पहले से ही आईटी, टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, एयरोस्पेस और कई अन्य उद्योगों का प्रमुख केंद्र है। तेजी से बढ़ते आर्थिक और औद्योगिक विस्तार के साथ शहर में बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था, आवास, रोजगार केंद्र और औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत भी बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन में नौ नई इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इन टाउनशिप का उद्देश्य उद्योगों को व्यवस्थित तरीके से जगह देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना होगा। साथ ही इससे शहर के मुख्य हिस्सों पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप की अवधारणा के तहत ऐसे क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा, जहां उद्योगों के साथ-साथ कर्मचारियों के लिए आवास, सड़क, परिवहन और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों। सरकार की योजना है कि इन नए औद्योगिक केंद्रों को बेंगलुरु के व्यापक विकास ढांचे से जोड़ा जाए, ताकि रोजगार और आवास के बीच की दूरी कम हो और यातायात के दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
बैठक में सुचारू ट्रैफिक सिस्टम को भी प्राथमिकता दी गई। बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। शहर के विस्तार के साथ रोजाना यात्रा करने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए विकास ब्लूप्रिंट में सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन और अन्य यातायात व्यवस्थाओं को एकीकृत तरीके से देखने की जरूरत है।
इसके साथ ही आवास विकास भी योजना का प्रमुख हिस्सा रहेगा। तेजी से बढ़ती शहरी आबादी के लिए पर्याप्त और सुव्यवस्थित आवास की जरूरत को देखते हुए सरकार भविष्य की मांग के अनुसार नए आवासीय क्षेत्रों के विकास पर भी विचार कर रही है। उद्देश्य यह है कि औद्योगिक और आर्थिक विकास के साथ आवासीय सुविधाओं का विस्तार भी संतुलित तरीके से हो।
बेंगलुरु शहरी जिले के सभी इलाकों को GBA के अधिकार क्षेत्र में लाने का प्रस्ताव प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शहरी विकास, आधारभूत ढांचा, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कामों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी को कम करने से विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि अगले 10 से 15 वर्षों के लिए तैयार की जा रही योजना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें आर्थिक विकास, रोजगार, उद्योग और जीवन गुणवत्ता को भी शामिल किया जाएगा। सरकार ऐसी विकास नीति बनाना चाहती है, जिसमें बेंगलुरु को वैश्विक स्तर का आर्थिक और औद्योगिक केंद्र बनाए रखने के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी मिलें।
राज्य की अर्थव्यवस्था को 2037 तक 400-420 बिलियन डॉलर और 2047 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बेंगलुरु क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश और बुनियादी ढांचे के विस्तार की जरूरत होगी। नौ नई औद्योगिक टाउनशिप इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही हैं।
फिलहाल सरकार विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया में है। आने वाले समय में इन योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि नए औद्योगिक क्षेत्र कहां विकसित किए जाएंगे और ट्रैफिक तथा आवास व्यवस्था को लेकर कौन-कौन से कदम उठाए जाएंगे। इतना तय है कि सरकार बेंगलुरु के भविष्य के विकास को लेकर लंबे समय की योजना पर काम कर रही है।