बेंगलुरु। कर्नाटक में पेट्रोल में इथेनॉल की कथित अधिक मात्रा मिलाए जाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने औद्योगिक निवेश और राज्य से कंपनियों के बाहर जाने संबंधी केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने विशेष रूप से होंडा मोटर्स के कर्नाटक से बाहर जाने की खबरों को आधारहीन बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान राज्य में निवेश के माहौल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।कर्नाटक में इथेनॉल विवाद और औद्योगिक निवेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी ने राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। एक तरफ राज्य सरकार पेट्रोल में निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल मिलाए जाने के आरोपों की जांच करा रही है, वहीं दूसरी तरफ एमबी पाटिल ने कुमारस्वामी के औद्योगिक दावों पर सवाल उठाए हैं।
पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर विवाद
कर्नाटक में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर विवाद तब बढ़ा, जब राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने दावा किया कि कुछ पेट्रोल पंपों से लिए गए नमूनों में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 प्रतिशत से अधिक मिली है।राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सात जिलों से 63 नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें कुछ नमूनों में इथेनॉल की मात्रा 31.2 प्रतिशत तक दर्ज होने का दावा किया गया। ये नमूने बेंगलुरु, कोलार, चिक्काबल्लापुर, बेंगलुरु ग्रामीण, रामनगर, मंगलुरु और तुमकुर सहित क्षेत्रों से लिए गए थे।राज्य सरकार का आरोप है कि अधिक इथेनॉल मिश्रण से वाहनों की माइलेज और इंजन के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। सरकार ने केंद्र से मामले की जांच कराने, पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल की मात्रा प्रदर्शित करने और प्रभावित वाहन मालिकों के लिए मुआवजे की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
केंद्र सरकार ने कर्नाटक के आरोपों को किया खारिज
कर्नाटक सरकार के दावों के बाद केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने अलग रुख अपनाया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 7 नवंबर को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लिए गए 893 नमूनों की जांच में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई।इन नमूनों में कर्नाटक के 56 नमूने भी शामिल थे। मंत्रालय के अनुसार, सभी नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे।वहीं, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने भी कर्नाटक सरकार के निष्कर्षों पर सवाल उठाए। कंपनियों का कहना है कि राज्य में नमूने लेने और उनकी जांच करने की प्रक्रिया निर्धारित तकनीकी एवं कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने संयुक्त रूप से दोबारा जांच कराने का प्रस्ताव भी रखा।
डीके शिवकुमार ने केंद्र पर साधा निशाना
इथेनॉल विवाद पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल की कथित अधिक मात्रा की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब जांच केवल पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं है, बल्कि ईंधन के वितरण और मिश्रण से जुड़े अन्य चरणों की भी पड़ताल की जा रही है।शिवकुमार के अनुसार, राज्य में 67 स्थानों से पेट्रोल के नमूने एकत्र किए गए हैं। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जुटाए हैं। उन्होंने दावा किया कि हजारों वाहन मालिकों ने कम माइलेज और इंजन बंद होने जैसी समस्याओं की शिकायत की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने उपभोक्ताओं की सुरक्षा और ईंधन की गुणवत्ता को प्राथमिकता देने की मांग की। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद को 9 नवंबर को विस्तृत रिपोर्ट और दस्तावेज सार्वजनिक करने हैं।
कुमारस्वामी के होंडा संबंधी आरोपों पर एमबी पाटिल का पलटवार
इथेनॉल विवाद से अलग, उद्योग मंत्री एमबी पाटिल ने केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें होंडा मोटर्स के कर्नाटक से अपना कारोबार समेटने की आशंका जताई गई थी।एमबी पाटिल ने 1 नवंबर को कहा था कि होंडा मोटर्स का कर्नाटक छोड़ने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कुमारस्वामी के दावे को आधारहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। पाटिल ने कहा कि इस तरह के बयानों से राज्य में निवेश आकर्षित करने के प्रयासों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।उन्होंने बताया कि होंडा को कोलार जिले के नरसापुरा में वर्ष 2011 से चरणबद्ध तरीके से 135 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। कंपनी वर्ष 2013 से यहां दोपहिया वाहनों का निर्माण कर रही है। इस संयंत्र में प्रतिदिन लगभग 10 हजार वाहन तैयार किए जाते हैं और 7,800 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।पाटिल ने यह भी बताया कि होंडा का डोड्डाबल्लापुर तालुक के अडिनारायण होसाहल्ली में 35 एकड़ का स्पेयर पार्ट्स वेयरहाउस और वितरण केंद्र है, जो दक्षिण भारत के बाजारों को सेवाएं देता है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
एमबी पाटिल ने होंडा की भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी नरसापुरा स्थित अपने संयंत्र में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कंपनी के बीच किसी तरह का असंतोष नहीं है और न ही होंडा ने कर्नाटक सरकार के साथ अपने व्यावसायिक संबंधों को लेकर कोई नाराजगी जताई है।पाटिल ने कुमारस्वामी से जिम्मेदारी के साथ बयान देने की अपील करते हुए कहा कि कर्नाटक से उद्योगों के गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा जैसे राज्यों में जाने के दावे करने के बजाय केंद्रीय मंत्री को राज्य में नए निवेश लाने पर ध्यान देना चाहिए।उनके अनुसार, राज्य में औद्योगिक निवेश को लेकर गलत जानकारी फैलने से संभावित निवेशकों के बीच नकारात्मक धारणा बन सकती है।
दो अलग मुद्दों पर आमने-सामने सरकारें और नेता
कर्नाटक में इस समय इथेनॉल मिश्रण और औद्योगिक निवेश को लेकर दो अलग-अलग राजनीतिक विवाद सामने हैं। इथेनॉल के मामले में राज्य सरकार और केंद्र के बीच जांच के निष्कर्षों तथा परीक्षण प्रक्रिया को लेकर मतभेद हैं। वहीं, होंडा मोटर्स के भविष्य को लेकर एमबी पाटिल और एचडी कुमारस्वामी के बीच बयानबाजी हुई है।इथेनॉल मामले में पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल कंपनियों ने राज्य सरकार के परीक्षण निष्कर्षों को चुनौती दी है, जबकि कर्नाटक सरकार अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।अब 9 नवंबर को राज्य सरकार की ओर से आने वाली विस्तृत रिपोर्ट पर नजर रहेगी। इससे कथित अधिक इथेनॉल मिश्रण को लेकर राज्य के दावों और जांच के निष्कर्षों पर आगे स्थिति स्पष्ट हो सकती है।