बेंगलुरु: रविवार को बेंगलुरु में आयोजित 11वें 'जॉब्स 60+' जॉब फेयर में 83 सीनियर सिटिज़न्स को चुना गया और मौके पर ही नौकरी का ऑफर दिया गया। अलग-अलग सेक्टर में नौकरी के मौकों के लिए 700 से ज़्यादा लोगों में से 457 कैंडिडेट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था।
नाइटिंगेल्स एम्पावरमेंट फाउंडेशन ने नाइटिंगेल्स मेडिकल ट्रस्ट और सेंट जोसेफ यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर यह मेला आयोजित किया। इसमें 62 एम्प्लॉयर्स शामिल हुए और 987 नौकरी के मौके दिए। ज़्यादातर वैकेंसी एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंस, सेल्स और मार्केटिंग में थीं। इस पहल का मकसद 55-70 साल की उम्र के सीनियर सिटिज़न्स को नौकरी पाने में उम्र से जुड़ी रुकावटों को दूर करने में मदद करना है।
कैंडिडेट्स का रजिस्ट्रेशन और काउंसलिंग हुई। इसमें एम्प्लॉयर्स के पास भेजने से पहले उनसे उनकी पिछली नौकरी, स्किल्स और नौकरी की पसंद के बारे में पूछा गया। रिक्रूटर ने खास रोल की ज़रूरतों के हिसाब से कैंडिडेट्स का आकलन किया।
बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) के एक रिटायर्ड सुपरवाइज़र ने एक दोस्त से इस मेले के बारे में जानने के बाद पहली बार इसमें हिस्सा लिया। हालांकि वे बिना रिज़्यूमे के आए थे, लेकिन उन्हें काउंसलिंग के लिए भेजा गया, जिससे नए लोगों के लिए भी यह प्रक्रिया आसान हो गई।
नाइटिंगेल्स मेडिकल ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. राधा एस. मूर्ति ने कहा, "सीनियर सिटिज़न्स को नौकरी पर रखने का मतलब सिर्फ़ उन्हें कमाने का मौका देना नहीं है; यह एम्प्लॉयर्स के लिए भी उनके अनुभव, समझदारी, कमिटमेंट और प्रोफेशनल स्किल्स से फ़ायदा उठाने का मौका है।