चित्रदुर्ग। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुक के विकास को लेकर बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने हिरियूर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 2,238 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में सिंचाई, पेयजल, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हिरियूर क्षेत्र में 244 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीण इलाकों के समग्र विकास को गति देना है।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक स्वर्गीय डी. सुधाकर को याद किया। उन्होंने कहा कि सुधाकर ने अपने कार्यकाल के दौरान हिरियूर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए थे। अब उनकी ओर से शुरू किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसी संकल्प के साथ हिरियूर पहुंचे हैं और क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

शिवकुमार ने कहा कि हिरियूर विधानसभा क्षेत्र उनके लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना उनका अपना विधानसभा क्षेत्र कनकपुरा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की जनता की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हिरियूर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव प्रस्तावित है। पूर्व मंत्री डी. सुधाकर के निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई है और राजनीतिक दलों ने उपचुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

मुख्यमंत्री ने 244 करोड़ रुपये की लागत वाली जिस सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी, उसका उद्देश्य हिरियूर तालुक के विभिन्न जलाशयों और तालाबों में पानी उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत 16 तालाबों और गायत्री जलाशय को पानी से भरने का प्रावधान किया गया है। परियोजना से संबंधित इलाकों में पानी की उपलब्धता बढ़ने और कृषि गतिविधियों को सहायता मिलने की उम्मीद है।

चित्रदुर्ग जिले के कई क्षेत्रों में कृषि मुख्य आजीविका का साधन है। यहां बड़ी संख्या में किसान वर्षा और सीमित जल संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में तालाबों और जलाशयों को पानी से भरने की योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से खेती के लिए सिंचाई के विकल्प बढ़ेंगे और भूजल स्तर में सुधार की संभावना भी रहेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने चित्रदुर्ग जिले में पेयजल व्यवस्था और सड़कों के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से जिले में विशेष धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कों की स्थिति सुधारने, पेयजल सुविधाओं का विस्तार करने और आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना प्रदेश की समग्र प्रगति संभव नहीं है। सरकार का प्रयास है कि गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएं मिलें। उन्होंने संबंधित विभागों से विकास योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हिरियूर के धर्मपुरा क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। यहां कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) के नए बस स्टैंड सहित अन्य बुनियादी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। बस स्टैंड के निर्माण से स्थानीय यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिरियूर के विकास के लिए पहले ही बड़ी धनराशि स्वीकृत कर चुकी है। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता देने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र में चल रही योजनाओं को तेजी से पूरा करने की जरूरत बताई, ताकि जनता को उनका लाभ समय पर मिल सके।

इस अवसर पर शिवकुमार ने पूर्व मंत्री डी. सुधाकर के साथ अपने संबंधों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सुधाकर क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहते थे और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, उनके अधूरे सपनों और विकास योजनाओं को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

हिरियूर में प्रस्तावित उपचुनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री के इस दौरे को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस इस विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा और अन्य दल भी चुनावी तैयारियों में जुटे हैं।

शिवकुमार ने कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार विकास के मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में कांग्रेस सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को जनता का समर्थन मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा और जनता दल सेक्युलर पर भी निशाना साधा। उन्होंने ऊपरी भद्रा परियोजना के लिए केंद्र की ओर से पूर्व में घोषित 5,300 करोड़ रुपये की धनराशि का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि घोषित सहायता अब तक जारी नहीं की गई है। उन्होंने विपक्ष से इस विषय पर जवाब मांगा।

हिरियूर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार लंबे समय से महत्वपूर्ण मांग रही है। मुख्यमंत्री की ओर से 244 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू किए जाने के बाद स्थानीय किसानों को बेहतर जल प्रबंधन की उम्मीद है। वहीं सड़क और पेयजल परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता की घोषणा से ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं में सुधार की संभावना बढ़ी है।

फिलहाल राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत 2,238 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर सभी की निगाहें रहेंगी। प्रशासन के सामने इन योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की चुनौती होगी।

आगामी उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं ने हिरियूर को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि विकास कार्यों को लेकर सरकार की पहल का स्थानीय जनता पर कितना प्रभाव पड़ता है और चुनावी मैदान में राजनीतिक दल किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं।

Tags: