Jharkhand झारखंड : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से सरकार ने मनरेगा की तर्ज पर ‘वीवी रामजी योजना’ की शुरुआत कर दी है। इस नई योजना के लागू होने के साथ ही कई क्षेत्रों में मनरेगा की जगह अब इसी योजना के तहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

योजना का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराना और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देना बताया गया है। इसके तहत सड़क निर्माण, जल संरक्षण, पंचायत भवन सुधार, तालाब विकास और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को शामिल किए जाने की संभावना है।

पहले चरण में जिले की विभिन्न पंचायतों से कुल 318 योजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। इन योजनाओं को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि कार्यों को जल्द शुरू किया जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि योजना का मुख्य फोकस केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास कार्यों को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए पंचायत स्तर पर योजनाओं की पहचान और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

ग्रामीण विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया, तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।

स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाओं के चयन और कार्यान्वयन में पारदर्शिता रखी जाए, ताकि मजदूरों को समय पर काम मिल सके और विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे।

फिलहाल योजना के शुरुआती चरण में कार्यों की सूची तैयार कर ली गई है और आने वाले समय में इसे और विस्तार दिए जाने की संभावना है।

सरकार का दावा है कि यह नई पहल ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाएगी और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

 

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