रांची। राजधानी रांची में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर घायल हो गए। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में थाने के पीछे की है, जहां एक पानी की टंकी अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मजदूर टंकी को तोड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक टंकी का ढांचा ढह गया और मलबे में चार मजदूर दब गए। इनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टंकी के गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

टंकी तोड़ने के दौरान अचानक ढहा ढांचा

बताया जा रहा है कि पानी की टंकी को तोड़ने का काम मजदूरों द्वारा किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक टंकी का एक हिस्सा गिरा और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे मलबे के नीचे दब गए।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बचाव कार्य में मदद करने की कोशिश की। हालांकि मलबा भारी होने के कारण मजदूरों को निकालने में मुश्किल आई। इसके बाद जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

पुलिस और नगर निगम की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला। दो मजदूरों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजे जाने की जानकारी है। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों के शव भी मलबे से बाहर निकाले गए।

घटनास्थल पर जुटी भीड़

हादसे की खबर फैलते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों की भीड़ के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी परेशानी हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की।

मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। बचाव दल यह सुनिश्चित करने में जुटा रहा कि मलबे में कोई अन्य व्यक्ति फंसा न रह गया हो। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।

सुरक्षा मानकों पर उठ सकते हैं सवाल

हादसे के बाद पानी की टंकी को तोड़ने के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपायों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। टंकी जैसी भारी संरचना को तोड़ते समय मजदूरों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है। ढांचे की स्थिति का आकलन करने के बाद चरणबद्ध तरीके से उसे तोड़ने की आवश्यकता होती है।

यह जांच का विषय होगा कि टंकी को तोड़ने से पहले तकनीकी निरीक्षण किया गया था या नहीं और मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा सकती है।

यदि निर्माण या ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।

मृत मजदूरों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि हादसे के वक्त मौके पर कितने मजदूर काम कर रहे थे और टंकी को तोड़ने का काम किसके निर्देश पर किया जा रहा था।

घायलों का अस्पताल में इलाज

हादसे में घायल हुए दोनों मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

मजदूरों के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल और घटनास्थल की ओर रवाना हुए। घटना के बाद परिवारों में मातम का माहौल है।

राहत-बचाव में जुटी नगर निगम की टीम

घटना के तुरंत बाद नगर निगम की टीम का मौके पर पहुंचना राहत एवं बचाव कार्य के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। बचाव दल ने काफी सावधानी के साथ मलबे की तलाशी ली, ताकि किसी मजदूर के फंसे होने की स्थिति में उसे सुरक्षित निकाला जा सके।

प्रशासन की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण भी किया जा सकता है। हादसे के बाद आसपास की अन्य संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर भी जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

लापरवाही सामने आई तो होगी कार्रवाई

पानी की टंकी जैसी भारी संरचना के ध्वस्तीकरण के दौरान यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था तो प्रशासन संबंधित जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे कार्यों में प्रशिक्षित श्रमिकों के साथ सुरक्षा उपकरण और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी होती है।

बुधवार को रांची में हुए इस हादसे में दो मजदूरों की मौत और दो के घायल होने से इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस और नगर निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अब प्रशासनिक जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पानी की टंकी अचानक क्यों गिरी और ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान सुरक्षा के कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे।

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