धनबाद। झारखंड के धनबाद स्थित प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-ISM) में शनिवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। संस्थान के एक्वामरीन हॉस्टल की आठवीं मंजिल से गिरकर बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान माने राजकुमार प्रतीक के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 24 से 25 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के अहमदपुर का रहने वाला था। घटना की जानकारी मिलते ही संस्थान परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल धनबाद थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र आठवीं मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरा, इसका स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।
सुबह करीब 7:30 बजे हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7:30 से 7:45 बजे के बीच हुई। छात्र संस्थान के एक्वामरीन हॉस्टल में रहता था। सुबह अचानक उसके आठवीं मंजिल से नीचे गिरने की खबर सामने आई। हॉस्टल परिसर में मौजूद विद्यार्थियों और कर्मचारियों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वहां अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही संस्थान के सुरक्षा अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल छात्र को तत्काल धनबाद के अशर्फी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का छात्र था प्रतीक
मृतक छात्र की पहचान माने राजकुमार प्रतीक के रूप में हुई है। वह आईआईटी-आईएसएम धनबाद में बीटेक पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहा था। उसकी उम्र करीब 24 से 25 वर्ष बताई जा रही है। वह महाराष्ट्र के अहमदपुर का निवासी था।
प्रतीक की मौत की खबर से संस्थान के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में शोक का माहौल है। जिस उम्र में युवा अपने करियर और भविष्य को लेकर सपने संजोते हैं, उस उम्र में छात्र की इस तरह मौत ने उसके दोस्तों और सहपाठियों को झकझोर दिया है।
बताया गया है कि घटना के बाद संस्थान प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है। परिवार के सदस्यों के धनबाद पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
हादसा या आत्महत्या, पुलिस कर रही जांच
इस घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्र आखिर आठवीं मंजिल से नीचे कैसे गिरा? क्या यह कोई दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी? फिलहाल पुलिस ने किसी एक संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
संस्थान के सुरक्षा अधिकारी राम मनोहर के अनुसार, आठवीं मंजिल से छात्र के गिरने की सूचना मिलते ही सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची थी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। छात्र के हॉस्टल में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का प्रयास है कि घटना से पहले छात्र की गतिविधियों और उस समय की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
छात्र के मोबाइल फोन की भी जांच
घटना से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस मोबाइल में उपलब्ध जानकारी और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कुछ रिपोर्टों में उसके सहपाठियों के हवाले से बताया गया है कि प्रतीक पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था और पिछले महीने परिजन उसे अपने साथ घर भी ले गए थे। वह 25 अक्टूबर को दोबारा संस्थान लौटा था। हालांकि, कथित तनाव के कारणों और घटना से उसके संबंध की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस इस पहलू सहित सभी संभावित परिस्थितियों की जांच कर रही है। ऐसे में बिना आधिकारिक पुष्टि के घटना के पीछे किसी व्यक्तिगत या शैक्षणिक परेशानी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
परिजनों को दी गई सूचना, संस्थान में शोक
छात्र की मौत की सूचना मिलते ही संस्थान प्रबंधन ने उसके परिवार को जानकारी दी। महाराष्ट्र के अहमदपुर में रहने वाले परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्य धनबाद के लिए रवाना हुए हैं।
आईआईटी-आईएसएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हुई इस घटना से विद्यार्थियों के बीच भी शोक और चिंता का माहौल है। हॉस्टल में रहने वाले छात्र अपने साथी की असामयिक मौत से स्तब्ध हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल फोन से प्राप्त जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और समय पर सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत को सामने रखा है। संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग और सहयोग की व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है, ताकि किसी परेशानी से गुजर रहे छात्र को समय रहते मदद मिल सके।
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