Jharkhand झारखंड: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आगामी वर्ष 2026–27 के बजट में राज्य की ‘मंईयां सम्मान योजना’ सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बजट तैयार करने के दौरान राज्य सरकार अपने आंतरिक संसाधनों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँच सके। वित्त मंत्री ने यह बात वर्ष 2026–27 के बजट को लेकर आयोजित दो दिवसीय गोष्ठी के समापन भाषण में कही। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर बजट में राजस्व वृद्धि और आधारभूत संरचना के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
किशोर ने कहा कि बजट लोकतांत्रिक और समावेशी होना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ बजटीय प्रावधानों का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि टैक्स प्रणाली में सुधार लगातार हो रहा है और राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए इसे और मजबूत किया जाएगा। कृषि और सिंचाई को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ेगी। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर के मामलों को देखते हुए विशेष योजना की आवश्यकता पर बल दिया। किशोर ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मैमोग्राफी जांच, तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति और जिलों के सदर अस्पतालों में सीटी स्कैन व एमआरआई सुविधाओं के विस्तार का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने पोषाहार योजनाओं के प्रभावी वितरण को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
गोष्ठी में मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 2020 के बाद झारखंड ने शिक्षा, ऊर्जा और नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने राज्य में ग्रीन एनर्जी की दिशा में अगले 10 वर्षों के लिए दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए रिम्स-2, हाईटेक लैब और प्रत्येक जिले में कम से कम 10 आईसीयू बेड्स की सुविधा विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने पीडीएस के तहत सरसों तेल और पोषण युक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बजटीय प्रावधान बढ़ाने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने
पीडीएस
में दाल, अंडा और मिलेट्स शामिल करने और सुदृढ़ प्रोक्योरमेंट प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना का विकास पीपीपी मोड पर किया जाए और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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