मनमानी वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई, किराया फिक्स

Update: 2026-07-04 08:45 GMT

Jharkhand: गुमला में यात्री बसों में मनमानी किराया वसूली और शहर के अलग-अलग हिस्सों में बसों के अनियंत्रित ठहराव से लगने वाले जाम की शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। इस मामले पर सदर एसडीओ अखिलेश कुमार ने बस एसोसिएशन के अध्यक्ष, सचिव, बस मालिकों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एसडीपीओ, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, थाना प्रभारी सहित बस एसोसिएशन के प्रतिनिधि और बस संचालक भी मौजूद रहे।

बैठक में बताया गया कि गुमला अनुमंडल क्षेत्र से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बसें निर्धारित किराये से अधिक पैसे वसूल रही हैं। खासकर गुमला-रांची मार्ग पर पहले जहां 140 से 150 रुपये किराया लिया जाता था, वहीं अब 200 से 230 रुपये तक वसूली की शिकायत सामने आई थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही थी। बस एसोसिएशन की ओर से ईंधन, यूरिया, टोल टैक्स और अन्य परिचालन खर्च बढ़ने का हवाला देते हुए किराया संशोधन की मांग रखी गई।

दोनों पक्षों की सहमति के बाद विभिन्न मार्गों के लिए नया अधिकतम किराया तय किया गया। इसके अनुसार गुमला से रांची का किराया 180 रुपये, सिमडेगा 140 रुपये, लोहरदगा 90 रुपये, डुमरी 120 रुपये और जशपुर 120 रुपये निर्धारित किया गया। अन्य मार्गों के लिए बस एसोसिएशन द्वारा प्रस्तुत संशोधित रेट चार्ट को भी सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी बस निर्धारित दर से अधिक किराया नहीं वसूल सकेगी।

एसडीओ अखिलेश कुमार ने सख्त निर्देश दिया कि अगर तय दर से अधिक किराया वसूली की शिकायत मिलती है तो संबंधित बस मालिक, संचालक और एजेंटों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस आदेश के पालन की जिम्मेदारी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव की होगी। सभी बस डिपो और टिकट काउंटर पर स्वीकृत किराया सूची (रेट चार्ट) को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि यात्रियों को सही जानकारी मिल सके। नगर परिषद को भी सभी प्रमुख स्थानों पर रेट चार्ट लगाने का निर्देश दिया गया।

बैठक में शहर को जाम से बचाने के लिए बसों के ठहराव स्थल भी निर्धारित किए गए। अब सिसई रोड पर भट्टी तालाब के पास, पालकोट रोड पर एसबीआई बैंक के पास, लोहरदगा रोड पर कुम्हार ढलान के पास और जशपुर रोड पर बिरसा मुंडा एग्रो पार्क के पास ही बसों का ठहराव होगा। इन स्थानों के अलावा शहर में कहीं भी बस रोककर सवारी बैठाने या उतारने पर कार्रवाई की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी बस एसोसिएशन पर भी तय होगी। सभी निर्णयों के प्रभावी पालन की जिम्मेदारी जिला परिवहन पदाधिकारी को सौंपी गई है। प्रशासन ने बस संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि पारदर्शी किराया व्यवस्था और जाम मुक्त यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

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