झारखंड

16वें वित्त आयोग से झारखंड की 4345 पंचायतों को 14,231 करोड़ मिलने की तैयारी

Kavita2
4 July 2026 10:59 AM IST
16वें वित्त आयोग से झारखंड की 4345 पंचायतों को 14,231 करोड़ मिलने की तैयारी
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Jharkhand झारखण्ड : झारखंड की 4,345 पंचायतों को 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में कुल 14,231 करोड़ रुपये की राशि मिलने की संभावना है। इस राशि में बेसिक ग्रांट और परफॉर्मेंस ग्रांट दोनों शामिल हैं, जिससे ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रस्तावित राशि के अनुसार, झारखंड की पंचायतों को 11,385 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट के रूप में दिए जाएंगे, जबकि 2,846 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में निर्धारित किए गए हैं। यह धनराशि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, विकास योजनाओं और स्थानीय प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

इसी मुद्दे पर झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान यह विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार और 16वें वित्त आयोग से अपील की कि पंचायतों को मिलने वाली अनुदान राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समय पर अनुदान राशि का निर्गमन न होने से पंचायत स्तर की विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं और कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं रुक जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास की गति बनाए रखने के लिए वित्तीय सहायता का समय पर मिलना बेहद जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से परफॉर्मेंस ग्रांट से जुड़े प्रावधानों में अधिक लचीलापन देने की मांग की। मंत्री ने सुझाव दिया कि 20 प्रतिशत परफॉर्मेंस ग्रांट के निर्गमन में अधिक उदारता बरती जानी चाहिए, ताकि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन समय पर मिल सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल भी उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीण विकास और पंचायतों के सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में यह भी चर्चा हुई कि पंचायतों को मिलने वाली वित्तीय सहायता का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंच सके। अधिकारियों ने बताया कि वित्त आयोग की सिफारिशों का उद्देश्य स्थानीय शासन को मजबूत करना और ग्रामीण विकास को गति देना है।

झारखंड सरकार का मानना है कि यदि यह राशि समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाती है, तो राज्य की पंचायतें अपने विकास कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा सकेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल आपूर्ति, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में तेजी आएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत स्तर पर वित्तीय सशक्तिकरण से स्थानीय प्रशासन अधिक प्रभावी बनता है और जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से हो पाता है। ऐसे में 16वें वित्त आयोग की यह अनुशंसा ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कुल मिलाकर, झारखंड की 4345 पंचायतों को 14,231 करोड़ रुपये मिलने की यह योजना राज्य के ग्रामीण विकास के लिए बड़ी संभावनाएं लेकर आई है, वहीं समय पर राशि जारी करने की मांग ने इस मुद्दे को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।

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