झारखंड : धनबाद कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इलाके में आए दिन जमीन धंसने और धरती फटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद स्थित काजू बागान इलाके में एक बार फिर भू-धंसान की घटना हुई, जिसके बाद आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बन गया।

छाताबाद के सतीबांध पांडेय तालाब के समीप अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई और वहां बड़ा गोफ बन गया। देखते ही देखते तालाब का पानी उस गड्ढे में जाने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

तेज आवाज के बाद धंसी जमीन

स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार को अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो तालाब के पास जमीन धंस चुकी थी और वहां बड़ा गड्ढा बन गया था।

बताया जा रहा है कि गोफ का दायरा करीब 15 से 20 फीट तक है। जमीन के अंदर अचानक हुए इस बदलाव से लोगों में डर फैल गया। लोगों को आशंका है कि आने वाले समय में आसपास के अन्य हिस्सों में भी भू-धंसान की स्थिति बन सकती है।

दो हजार से अधिक आबादी प्रभावित होने की आशंका

घटना स्थल काजू बागान से करीब 100 मीटर की दूरी पर बताया जा रहा है। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में करीब दो हजार से अधिक की आबादी निवास करती है।

भू-धंसान की लगातार घटनाओं के कारण यहां रहने वाले लोग अपने घरों और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की जरूरत है।

तालाब का पानी गोफ में जाने लगा

भू-धंसान के बाद सबसे बड़ी चिंता तालाब के पानी को लेकर सामने आई। जमीन में बने गड्ढे के कारण तालाब का पानी धीरे-धीरे अंदर जाने लगा।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। आसपास के इलाकों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

कोयलांचल में लंबे समय से बनी है समस्या

धनबाद कोयलांचल क्षेत्र में भू-धंसान कोई नई समस्या नहीं है। कोयला खनन वाले इलाकों में भूमिगत खदानों के कारण कई स्थानों पर जमीन कमजोर हो चुकी है।

खनन गतिविधियों और खाली पड़ी भूमिगत खदानों के कारण कई बार जमीन धंसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इससे मकानों, सड़कों और जनजीवन पर भी खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता

घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अचानक होने वाली ऐसी घटनाओं से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाए और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। लोगों का कहना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

भू-धंसान की घटना के बाद अब प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण करने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों की ओर से क्षेत्र की स्थिति का आकलन कर सुरक्षा उपाय किए जाने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे इलाकों में समय-समय पर जमीन की जांच और निगरानी जरूरी होती है, ताकि किसी बड़े खतरे को समय रहते रोका जा सके।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

धनबाद के कोयलांचल क्षेत्र में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

फिलहाल छाताबाद के सतीबांध पांडेय तालाब के पास बने गोफ के बाद लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन से जल्द कार्रवाई और क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

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