190 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी रेलखंड की तस्वीर

Update: 2026-07-20 12:37 GMT

झुमरीतिलैया (कोडरमा)। नई दिल्ली-हावड़ा ग्रैंड कार्ड सेक्शन के धनबाद रेल मंडल अंतर्गत आने वाले कोडरमा-गया रेलखंड के विकास को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। करीब 118 वर्ष पुराने इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर 190.31 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास परियोजनाओं का काम शुरू हो गया है। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद झारखंड और बिहार के हजारों यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रेल यातायात पहले से अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हो जाएगा।

रेलवे की ओर से इस रेलखंड के स्टेशनों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ रोड ओवरब्रिज, अंडरपास, फुट ओवरब्रिज और यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ सड़क और रेल यातायात को अधिक सुगम बनाना है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पहाड़पुर रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम भी तेजी से चल रहा है। इस स्टेशन के विकास पर करीब 28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत स्टेशन भवन को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, आकर्षक प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं और अन्य यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे हर वर्ग के यात्रियों को आसानी होगी।

रेलवे की योजना सिर्फ बड़े स्टेशनों तक सीमित नहीं है। गुरपा, दिलवा, बंधुआ, बंशीनाला, पहाड़पुर और टनकुप्पा जैसे छोटे स्टेशनों पर भी यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इन स्टेशनों पर करीब 80 लाख रुपये की लागत से रैंप, सुगम प्रवेश मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान्य यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी।

रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की समस्या को खत्म करने के लिए तीन बड़े रोड ओवरब्रिज (आरओबी) बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर करीब 142 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये आरओबी गुरपा-पहाड़पुर, पहाड़पुर-टनकुप्पा और टनकुप्पा-बंधुआ रेल मार्ग के बीच बनाए जाएंगे। इनके निर्माण से सड़क यातायात सुचारू होगा और लोगों को रेलवे फाटक बंद होने के कारण लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

इसके अलावा टनकुप्पा स्टेशन के पास 6.78 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। दिलवा और बंशीनाला स्टेशनों पर भी 9.51 करोड़ रुपये की लागत से रैंप, सीढ़ियां और फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।

दिलवा स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक, दो और तीन के उच्चीकरण का काम भी प्रस्तावित है। इस पर करीब 2.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्लेटफार्म ऊंचे होने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कोडरमा-गया रेलखंड की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ यात्रा का अनुभव भी बेहतर होगा। इस विकास कार्य से क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कोडरमा-गया रेलखंड लंबे समय से झारखंड और बिहार के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। अब इस पुराने रेल मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की पहल से क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सके।

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