बिजनेस से राजनीति तक Parimal Nathwani

Update: 2026-06-18 14:15 GMT

Jharkhand: झारखंड राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार और रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारी परिमल नाथवाणी ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हराकर एक बार फिर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ वे एक बार फिर राज्यसभा पहुंच गए हैं और राजनीतिक गलियारों में उनकी चर्चा तेज हो गई है।

रिलायंस में अहम जिम्मेदारी

परिमल नाथवाणी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में कॉर्पोरेट अफेयर्स के डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। वे कंपनी प्रमुख मुकेश अंबानी के बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। जामनगर रिफाइनरी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के संचालन और जमीनी काम में उनकी अहम भूमिका रही है।

राजनीति में लंबा अनुभव

परिमल नाथवाणी केवल बिजनेस ही नहीं बल्कि राजनीति में भी अनुभवी नेता हैं। वे इससे पहले भी दो बार झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2008 और 2014 में वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में संसद पहुंचे थे, जहां उन्हें विभिन्न दलों का समर्थन मिला था।

अन्य राज्यों से भी सांसद रह चुके

झारखंड के अलावा वे आंध्र प्रदेश से भी राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2020 में वे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ और मजबूत मानी जाती है।

क्रिकेट प्रशासन में भी योगदान

परिमल नाथवाणी का खेल जगत में भी बड़ा योगदान रहा है। वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पुनर्निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय

वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं, खासकर गुजरात के गिर जंगल में एशियाई शेरों के संरक्षण को लेकर वे लगातार काम करते रहे हैं। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी उनकी पहचान एक सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में है।

बहुआयामी व्यक्तित्व

बिजनेस, राजनीति, खेल प्रशासन और सामाजिक कार्यों में सक्रिय परिमल नाथवाणी को एक बहुआयामी व्यक्तित्व माना जाता है। उनकी हालिया जीत ने उन्हें एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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