Jharkhand: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में सोमवार सुबह से हो रही रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली। हालांकि, बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति, लो-वोल्टेज और जलजमाव ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है।
लगातार बारिश के बीच इलाके में बिजली की आंख-मिचौली जारी है। रविवार को भी कई घंटों तक बिजली गुल रही, जो देर रात बहाल हुई। सोमवार को भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और सुबह से ही बार-बार बिजली कटने की समस्या बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामूली बारिश या आसमान में बिजली चमकते ही आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। कई बच्चों को मोमबत्ती और टॉर्च की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ी। वहीं महिलाओं को भी घरेलू कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई घरों में पानी की आपूर्ति और अन्य जरूरी सुविधाएं भी बाधित रहीं।
इसके अलावा लो-वोल्टेज की समस्या ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लखन साई और थाना क्षेत्र में कम वोल्टेज के कारण बिजली उपकरण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है।
बारिश के कारण नोवामुंडी के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बन गई है। ओवरब्रिज के ऊपर भारी मात्रा में पानी जमा हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हुई। पीएचसी परिसर में भी जलभराव से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नोवामुंडी बाजार में फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाले विक्रेताओं की स्थिति भी खराब रही। बारिश के कारण ग्राहक कम आए, जिससे उनकी बिक्री प्रभावित हुई और कई सब्जियां खराब हो गईं।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान बार-बार बिजली कटौती और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि हर साल ऐसी परेशानियों से बचा जा सके।