Jharkhand: हाईटेंशन तार की चपेट में आया भगवान जगन्नाथ का रथ, 2 छात्रों की मौत
झारखंड में हाईटेंशन तार की चपेट में आया भगवान जगन्नाथ का रथ, 2 छात्रों की मौत, 7 गंभीर रूप से झुलसे
JHARKHAND: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से रथ में करंट फैल गया, जिससे 2 छात्रों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रथ यात्रा के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान रथ ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गया। तार के संपर्क में आते ही रथ में करंट फैल गया और वहां मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।
अचानक हुए इस हादसे से यात्रा में शामिल लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
2 छात्रों की मौत, 7 लोग घायल
हादसे में दो छात्रों की जान चली गई। वहीं सात अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ-साथ राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
बिजली आपूर्ति को तत्काल बंद कराया गया ताकि आगे कोई और हादसा न हो।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि रथ की ऊंचाई, यात्रा के मार्ग और बिजली तारों की स्थिति को लेकर पहले से कोई सुरक्षा व्यवस्था की गई थी या नहीं।
बिजली विभाग से भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है कि हाईटेंशन तार की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी रथ यात्राओं और जुलूसों के दौरान मार्ग का पहले से निरीक्षण, बिजली लाइनों की जांच और प्रशासनिक निगरानी बेहद जरूरी होती है।
ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
लोगों में शोक का माहौल
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु और स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं। मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।