रांची। झारखंड राज्य बार काउंसिल में अब सदस्यों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में झारखंड बार काउंसिल में सात अतिरिक्त सीटें जोड़ने का फैसला लिया है। बीसीआई की ओर से 19 जुलाई को पारित प्रस्ताव के बाद यह निर्णय लागू किया गया है। इस फैसले से राज्य के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व को और विस्तार मिलेगा।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने झारखंड राज्य बार काउंसिल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि चुनाव में 19वें से 25वें स्थान तक रहने वाले उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित किया जाए। इससे पहले झारखंड बार काउंसिल में 25 निर्वाचित सदस्यों का प्रावधान था, लेकिन अब सात अतिरिक्त सदस्यों के शामिल होने से कुल संख्या 32 हो जाएगी।
बीसीआई ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के आधार पर लिया है, जिसमें देशभर के राज्य बार काउंसिल में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्यों में बार काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव किया गया। इसी क्रम में झारखंड में भी सदस्य संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
एडवोकेट्स एक्ट 1961 के तहत राज्य बार काउंसिल में निर्वाचित सदस्यों की संख्या तय की जाती है। पहले झारखंड में 25 सदस्यों का प्रावधान था। बीसीआई के नए फैसले के बाद अब अतिरिक्त सीटों के माध्यम से अधिक अधिवक्ताओं को काउंसिल में प्रतिनिधित्व मिलेगा। इससे अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
झारखंड राज्य बार काउंसिल के चुनाव में पहले 25 सीटों के लिए मतदान कराया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 निर्वाचित सदस्यों के नामों की गजट अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। वहीं, एक सीट से जुड़ा मामला विवादित होने के कारण अभी लंबित है। इसके अलावा दो सदस्यों का चयन मनोनयन के माध्यम से किया जाना है।
महिला आरक्षण के प्रावधान को लागू करने के लिए पांच सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई थीं। बीसीआई के फैसले के बाद अब अतिरिक्त सीटों पर भी चुनाव परिणाम के आधार पर उम्मीदवारों को निर्वाचित घोषित किया जाएगा। इससे झारखंड बार काउंसिल में महिलाओं और अन्य वर्गों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
बीसीआई ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी राज्यों में बार काउंसिल की संरचना को व्यवस्थित किया जा रहा है। झारखंड में भी इसी प्रक्रिया के तहत सदस्य संख्या में बढ़ोतरी की गई है।
अधिवक्ता संगठनों ने इस फैसले को महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका मानना है कि सदस्यों की संख्या बढ़ने से राज्य के वकीलों की समस्याओं और मांगों को बेहतर तरीके से उठाने का अवसर मिलेगा। साथ ही बार काउंसिल की कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा।
झारखंड बार काउंसिल में नए सदस्यों के शामिल होने के बाद परिषद की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। अधिवक्ताओं के कल्याण, कानूनी शिक्षा, अनुशासनात्मक मामलों और पेशे से जुड़े अन्य विषयों पर अब ज्यादा प्रभावी तरीके से काम किया जा सकेगा।
बीसीआई के इस फैसले को झारखंड के न्यायिक क्षेत्र में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। सात अतिरिक्त सीटों के जुड़ने से बार काउंसिल का दायरा बढ़ेगा और राज्य के अधिवक्ताओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा।