Jharkhand झारखंड: झारखंड में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है। करीब 19000 एकड़ जमीन पर लगी फसल को नष्ट किया गया है। इस संबंध में अब तक 283 मामले दर्ज किए गए हैं और 190 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि झारखंड में पिछले दो महीनों में करीब 19000 एकड़ जमीन पर लगी अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया और इस खेती से जुड़े 190 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जनवरी से पूरे राज्य में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
शुक्रवार को मुख्य सचिव के समक्ष पेश आंकड़ों के अनुसार राज्य में 19086 एकड़ जमीन पर लगी अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में चार गुना अधिक है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अवैध अफीम की खेती के संबंध में अब तक 283 मामले दर्ज किए गए हैं और 190 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें कहा गया है कि चतरा, खूंटी, लातेहार, रांची, पलामू, चाईबासा, सरायकेला और हजारीबाग जिले अफीम की खेती से प्रभावित हैं। बयान में कहा गया है कि खूंटी में 10520 एकड़ भूमि पर लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया। इसके बाद रांची में 4624 एकड़ और पलामू में करीब 396 एकड़ अफीम की फसल को नष्ट किया गया।
झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को अफीम की खेती को शत-प्रतिशत नष्ट करने और 15 मार्च तक अभियान जारी रखने को कहा। तिवारी शुक्रवार को अवैध अफीम की खेती के खिलाफ अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अफीम की खेती के खिलाफ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मामलों की तुलना में गिरफ्तारियों की कम संख्या की ओर इशारा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से अधिक से अधिक गिरफ्तारियां करने और सजा सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।