भाजपा के आह्वान पर जमशेदपुर बंद

Update: 2026-07-02 12:47 GMT

Jharkhand: जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर में बढ़ते अपराधों के विरोध में शुक्रवार को बंद का आह्वान किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस बंद की घोषणा करते हुए इसे कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ जनआंदोलन बताया है। पार्टी के इस आह्वान को जनता दल (यूनाइटेड), आजसू पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सहित कई सहयोगी दलों का भी समर्थन मिला है, जिससे बंद को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिलता दिख रहा है।

भाजपा ने शहर के व्यापारियों, शिक्षण संस्थानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बंद में सहयोग करें। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर स्कूल, कॉलेज, बैंक, बाजार, सार्वजनिक परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बंद रखने का अनुरोध किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बंद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि लगातार बढ़ते अपराध और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए बुलाया गया है। भाजपा ने महिलाओं से भी विशेष अपील की है कि वे इस बंद में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर अपराध के खिलाफ संदेश दे सकें। पार्टी का मानना है कि जब जनता एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएगी, तभी प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बनेगा।

यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुई घटना के बाद और तेज हो गया है, जहां मारपीट के बाद पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसका इलाज चल रहा है। इस वारदात के बाद शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं और लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। विपक्ष का आरोप है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म हो गया है और लगातार हो रही घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं। इसी के चलते बंद का निर्णय लिया गया है।

भाजपा ने बंद से पहले जनजागरण अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत शहर में मशाल जुलूस निकाले जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि उसके सभी नेता शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और लोगों से बंद को सफल बनाने की अपील करेंगे। प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है। फिलहाल शहर में बंद को लेकर माहौल पूरी तरह गरम है और विभिन्न संगठनों में समर्थन और विरोध दोनों को लेकर गतिविधियां तेज हैं।

Tags:    

Similar News