Jharkhand झारखंड: नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को लेकर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। संजय सेठ ने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि इस आपदा के बाद सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि लापता लोग सुरक्षित हों और जल्द से जल्द उनके बारे में जानकारी मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्लेशियर टूटने के कारण यह आपदा और गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करना और राहत व बचाव कार्यों में सहयोग करना सबसे जरूरी है। संजय सेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की स्थिति को लेकर तुरंत संपर्क किया और वहां के हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग की भावना से खड़ा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय सेना की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना केवल युद्ध के समय ही देश की सेवा नहीं करती, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी राहत और बचाव कार्यों में सबसे आगे रहती है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर या आसपास के किसी भी क्षेत्र में जब प्राकृतिक संकट आता है, तो भारतीय सेना के जवान तुरंत सक्रिय होकर लोगों की मदद के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सेना के जवानों का मानवीय योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
नेपाल में आई आपदा के बाद भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। संजय सेठ ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय रिश्ते हैं, इसलिए संकट के समय भारत अपने मित्र देश की सहायता करना अपना दायित्व मानता है।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में भारत नेपाल के लोगों के साथ खड़ा है और जरूरत के अनुसार हरसंभव मदद जारी रखेगा। नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत एजेंसियां लगातार बचाव अभियान चला रही हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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