देवघर AIIMS में ECHS सेवा शुरू, इलाज में आसान होगी पहुंच

Update: 2026-07-03 12:38 GMT

Jharkhand: देवघर स्थित एम्स (AIIMS) में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) को लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस पहल का उद्देश्य देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर और सुगम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। रक्षा मंत्रालय के रांची कार्यालय से आए पत्र के बाद इस पर औपचारिक स्तर पर काम तेज हुआ है। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने एम्स की गवर्निंग बॉडी के सदस्य के रूप में इस सुविधा को जल्द लागू करने पर जोर दिया। उनके हस्तक्षेप के बाद देवघर एम्स प्रशासन ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए रक्षा मंत्रालय को अपनी सहमति भी भेज दी है। अब आगे की मंजूरी और तकनीकी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इलाज में पूर्व सैनिकों को मिलेगी प्राथमिकता व्यवस्था

एम्स प्रशासन के अनुसार ECHS लागू होने के बाद पूर्व सैनिकों के लिए अलग से विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी। अस्पताल में एक अलग काउंटर के जरिए पंजीकरण, ओपीडी पर्ची और डॉक्टर से परामर्श की सुविधा दी जाएगी, जिससे उन्हें लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। इसके अलावा पैथोलॉजी जांच, रेडियोलॉजी और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं में भी उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर स्थिति में भर्ती प्रक्रिया और उपचार को तेज गति से पूरा करने की व्यवस्था होगी ताकि मरीजों को किसी तरह की देरी का सामना न करना पड़े। हालांकि बेड आवंटन की प्रक्रिया सामान्य नियमों के तहत ही रहेगी, लेकिन इलाज की पूरी प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक बनाया जाएगा।

झारखंड और बिहार के सीमावर्ती जिलों को बड़ा फायदा

देवघर एम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद झारखंड और बिहार के कई जिलों के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ सहित संताल परगना क्षेत्र के जिले शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों को भी राहत मिलेगी। अब तक इन क्षेत्रों के पूर्व सैनिकों को बेहतर इलाज के लिए रांची, पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था। इससे समय, धन और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। देवघर एम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद यह बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की प्रतिक्रिया

गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि पूर्व सैनिकों का योगदान देश के लिए अमूल्य है और उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार और संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार देवघर एम्स में ECHS सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं एम्स के निदेशक डॉ. नितिन गंगने ने जानकारी दी कि प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अधिकांश औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय की ओर से कुछ तकनीकी सुझाव भी दिए गए हैं, जिन पर काम किया जा रहा है। भविष्य में एंबुलेंस जैसी अतिरिक्त सुविधाओं को भी जोड़ने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

निष्कर्ष

देवघर एम्स में ECHS सुविधा शुरू होने से पूर्व सैनिकों को न केवल बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि उन्हें समय पर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलेंगी। यह कदम झारखंड और आसपास के राज्यों के हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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