
Jharkhand: देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण बदलावों पर विचार किया है। शुक्रवार को समाहरणालय में डीसी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों सहित मंदिर की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, सुगम जलार्पण व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शनम व्यवस्था और वीआईपी पूजा व्यवस्था जैसे कई अहम बिंदुओं पर विचार किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बाबा मंदिर में पूरे वर्ष बाह्य अर्घा सिस्टम लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के गर्भगृह के भीतर श्रद्धालुओं द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी योजना पर सहमति बनी। इस प्रस्ताव को उपस्थित अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों और प्रबुद्धजनों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। माना जा रहा है कि इस कदम से मंदिर परिसर में अनुशासन बढ़ेगा और सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
डीसी ने बैठक में कहा कि बाबा मंदिर की गरिमा के अनुरूप श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए जलार्पण व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। साथ ही भीड़ प्रबंधन प्रणाली को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया ताकि श्रावणी मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में मंदिर परिसर में नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, क्लॉक रूम की सुविधा, सुरक्षित प्रवेश और निकास मार्ग तथा आधुनिक क्राउड मैनेजमेंट व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को इन सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों ने भी मंदिर व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे। डीसी ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के अंत में सभा की ओर से एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, डीडीसी पीयूष सिन्हा, एसडीओ रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि इन प्रस्तावित बदलावों से बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन व्यवस्था मिल सकेगी तथा मंदिर परिसर में व्यवस्था और भी मजबूत होगी।





